द देवरिया न्यूज़ : पथरदेवा क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा द्वारा प्रधानाचार्य पर लगाए गए छेड़खानी के आरोपों की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस मामले में कॉलेज के प्रधानाचार्य और प्रबंधक दोनों ने अपनी-अपनी लिखित आख्या जांच अधिकारी को सौंप दी है। जांच अधिकारी का कहना है कि दोनों पक्षों के जवाबों का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
घटना पथरदेवा क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित इंटर कॉलेज की है, जहां कक्षा 10 में पढ़ने वाली छात्रा ने कॉलेज के प्रधानाचार्य पर छेड़खानी के गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा ने अपनी शिकायत पुलिस के साथ-साथ संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), गोरखपुर को भी सौंपी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) देवरिया को तत्काल जांच के निर्देश दिए थे।
डीआईओएस शिवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की जांच का दायित्व सह जिला विद्यालय निरीक्षक (एडीआईओएस) आर.एन. भारती को सौंपा। जांच अधिकारी ने एक सप्ताह पहले विद्यालय में पहुंचकर विस्तृत जांच की शुरुआत की। उन्होंने विद्यालय परिसर में उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों से अलग-अलग बातचीत कर घटना की सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास किया।
सूत्रों के अनुसार, एडीआईओएस ने जांच के दौरान प्रधानाचार्य और प्रबंधक दोनों से भी लिखित रूप में अपने-अपने पक्ष प्रस्तुत करने को कहा था। इस क्रम में कॉलेज के प्रबंधक ने पिछले शुक्रवार को छात्रा के घर जाकर उससे और उसके परिजनों से पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने गांव के कुछ लोगों से भी बातचीत कर स्थिति की वास्तविकता समझने की कोशिश की।
वहीं दूसरी ओर, आरोपी प्रधानाचार्य ने अपने बचाव में विस्तृत विवरण तैयार कर जांच अधिकारी को सौंपा। बताया जा रहा है कि प्रधानाचार्य और प्रबंधक दोनों ने करीब 30-30 पृष्ठों की अपनी आख्या प्रस्तुत की है। दोनों आख्याओं में घटना की पृष्ठभूमि, विद्यालय के हालात और संबंधित साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
जांच अधिकारी आर.एन. भारती ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों से प्राप्त रिपोर्टें उन्हें मिल गई हैं। उन्होंने कहा कि अब वे दोनों आख्याओं का गहराई से अध्ययन करेंगे और विद्यालय में हुई पूछताछ के तथ्यों से उनका मिलान करेंगे। सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद ही रिपोर्ट तैयार कर जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में कई बिंदु अहम हो सकते हैं, जैसे छात्रा के आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्य, शिक्षकों के बयान, और विद्यालय के सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हों)।
इधर, कॉलेज प्रबंधन और शिक्षकों के बीच भी इस प्रकरण को लेकर चर्चा का माहौल है। कुछ शिक्षक जहां निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि इस प्रकार के आरोपों से विद्यालय की छवि प्रभावित होती है।
फिलहाल, शिक्षा विभाग पूरी सतर्कता से मामले की जांच में जुटा है। जांच अधिकारी की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा के आरोपों में कितनी सच्चाई है और प्रधानाचार्य के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने संकेत दिया है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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