द देवरिया न्यूज़ : जिले में मौसम बदलने का असर अब स्वास्थ्य पर साफ दिखने लगा है। ठंडी हवाओं और लगातार हो रही बरसात के बीच बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोग बीमार पड़ रहे हैं। हालात यह हैं कि रविवार को देवरिया मेडिकल कॉलेज का पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) पूरी तरह भर गया। 15 बेड की क्षमता वाले इस यूनिट में 20 बच्चे भर्ती रहे।
क्षमता से अधिक भर्ती
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, पीआईसीयू गंभीर रूप से बीमार बच्चों की देखरेख के लिए बनाया गया है। रविवार को यहां 15 बेड पर 20 बच्चों को भर्ती करना पड़ा। वहीं, चिल्ड्रेन वार्ड को मिलाकर कुल 35 बेड पर 45 बच्चे भर्ती थे। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना काम करना पड़ा।
बच्चों की स्थिति
धर्मपुर निवासी 12 वर्षीय बच्चा सांस लेने में तकलीफ के चलते भर्ती किया गया। गहन देखरेख के बाद अब उसकी हालत में सुधार है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। वहीं, महेन से आए 18 महीने के मासूम को कफ की गंभीर समस्या और खून की कमी (ब्लड डिसऑर्डर) के कारण मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों ने बताया कि अचानक तबीयत बिगड़ने पर पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज लाना पड़ा।
मौसम बना बीमारी की वजह
मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एच.के. मिश्र ने बताया कि मौसम में तेजी से हो रहे परिवर्तन के कारण बच्चे तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। खासकर सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को ठंडी हवाओं से बचाकर रखें और हल्की तकलीफ होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इस समय वायरल इंफेक्शन, डायरिया और सांस की बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। समय पर इलाज न होने पर हालत गंभीर हो सकती है।
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