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बरहज तहसील में फर्जी नियुक्ति घोटाले का खुलासा, चार अधिकारी और कई कर्मचारी जांच के घेरे में

Published on: October 1, 2025
fake in barhaj tehsil
द देवरिया न्यूज़ ,बरहज। तहसील कार्यालय बरहज में संग्रह अनुसेवक पद पर फर्जी नियुक्ति का बड़ा मामला उजागर हुआ है। वर्ष 2023 में मृत कर्मचारी के नाम पर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे उसके भतीजे को नौकरी दिला दी गई। इस मामले में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है और चार अधिकारियों समेत कई कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। जिलाधिकारी ने दोषी पाए गए कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
मामला तहसील परिसर में कार्यरत छेदी यादव पुत्र घुरभारी से जुड़ा है, जिनकी 2022 में मृत्यु हो गई थी। नियमों के तहत मृतक आश्रित को नौकरी मिल सकती थी, लेकिन इस प्रकरण में भतीजे शैलेश यादव को मृतक का दत्तक पुत्र दिखाकर नियुक्ति दे दी गई।
इस नियुक्ति की शिकायत पूर्व सामयिक संग्रह अनुसेवक विनय कुमार ने की। उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कागजातों में हेरफेर कर नौकरी दिलाई गई है और इसमें विभागीय कर्मचारियों-अधिकारियों की मिलीभगत है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए।
14 अगस्त 2025 को मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के अनुसार, छेदी यादव की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी चंद्रावती देवी ने भतीजे शैलेश यादव को दत्तक पुत्र दिखाने के लिए रजिस्टर्ड गोदनामा कराया और उसी आधार पर नौकरी दिलाई गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया संदिग्ध थी।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर हरीशचंद्र, राजस्व अधिकारी सीमा पांडेय, सीआरओ जलराजन चौधरी द्वारा गलत रिपोर्ट प्रेषित की गई थी। वहीं कागजों में हेरफेर और नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी के लिए हलका लेखपाल रामकुमार, राजस्व निरीक्षक दिनेश उपाध्याय, सेवानिवृत्त पटल सहायक विनोद प्रताप बहादुर सिंह, नायब तहसीलदार रमेश चंद्र गुप्त और पंचायत सचिव की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने पुष्टि की है कि फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस खुलासे ने तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली और नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन दोषियों पर कितनी कड़ी कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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