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ईडी का बड़ा एक्शन: पूर्व विधायक विजय मिश्रा और पूर्व एमएलसी राम लली मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान

Published on: December 24, 2025
ED's big action Former MLA

द देवरिया न्यूज़,लखनऊ : उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद सब-जोनल कार्यालय की प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पीएमएलए 2002 के तहत भदोही सीट के पूर्व विधायक विजय मिश्रा और पूर्व एमएलसी राम लली मिश्रा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ईडी ने दोनों नेताओं समेत पांच आरोपियों के खिलाफ 31 जुलाई को अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की थी, जिस पर लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने 18 दिसंबर को संज्ञान ले लिया है।

ईडी ने यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। मामले में यूपी पुलिस ने 14 और 26 जुलाई 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच के दौरान ईडी अब तक 25 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच कर चुकी है।


आय से अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप

ईडी के अनुसार, विजय मिश्रा और राम लली मिश्रा पर सरकारी पदों पर रहते हुए 36.07 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति अवैध रूप से अर्जित करने का आरोप है। इसके अलावा, विजय मिश्रा और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में जबरन वसूली, अवैध खनन, अपहरण, हत्या, लूट, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज पाए गए हैं।


पद का दुरुपयोग कर बनाई कंपनी

जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग करते हुए मेसर्स वीएसपी स्टारर रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी बनाई, जिसके जरिए अवैध रूप से कमाई गई रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से वैध दिखाया गया। गैरकानूनी कमाई को बेनामी संपत्तियों में निवेश किया गया और बाद में उसे व्यापारिक गतिविधियों के जरिए बेदाग बनाने की कोशिश की गई।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि अपराध से अर्जित आय का एक हिस्सा फर्जी लोन के रूप में ट्रांसफर किया गया ताकि उसकी वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके।


25.46 करोड़ की संपत्ति अटैच

पीएमएलए 2002 के तहत अटैच की गई संपत्तियों की कुल कीमत 25.46 करोड़ रुपये बताई गई है। इनमें प्रयागराज, नई दिल्ली, मुंबई और रीवा स्थित कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी शामिल हैं। ईडी के मुताबिक, इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और कार्रवाई हो सकती है।


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