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देवरिया: ओवरब्रिज विवाद पर बोले विधायक शलभमणि त्रिपाठी, मिली धमकियों के बावजूद नहीं झुकेंगे

Published on: August 27, 2025
Deoria overbridge dispute
द देवरिया न्यूज़ : देवरिया के सदर विधायक डॉ. शलभमणि त्रिपाठी ने गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से जुड़े पुराने भूमि विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को उठाने के बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं, लेकिन वे ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हम सनातनी हैं, धमकियों से डरने की आदत नहीं। जो दहशत फैलाएंगे, उन्हें कानून के तहत कठोर सजा मिलेगी।”
विधायक ने बताया कि गोरखपुर रोड पर स्थित यह ओवरब्रिज जिले का सबसे पुराना पुल है, जो अब भी सिंगल लेन का है। बढ़ती आबादी के मद्देनजर इसे डबल लेन करने की योजना बनी थी और इसके लिए जमीन भी चिन्हित की गई थी। लेकिन सपा शासनकाल के दौरान इस भूमि को कब्रिस्तान घोषित कर दिया गया, जिससे परियोजना ठप हो गई।
डॉ. त्रिपाठी का आरोप है कि विवादित भूमि दरअसल बंजर और कुर्ना नाला की जमीन है, जिस पर मजार के नाम पर धीरे-धीरे अवैध कब्जा कर लिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब 28 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रामनगीना यादव ने भी मजार की वैधता पर सवाल उठाए थे, लेकिन उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से लोग इस मुद्दे पर बोलने से कतराने लगे।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
विधायक ने कहा कि वर्ष 2017 में इसी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर एफआईआर दर्ज हुई थी और एक लेखपाल समेत चार लोगों के खिलाफ मामला चला था, लेकिन बाद में प्रकरण को दबा दिया गया। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आने के बाद यह मामला फिर से चर्चा में है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को विस्तृत जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
विधायक को धमकी, साइबर सेल कर रही जांच
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति द्वारा विधायक और मुख्यमंत्री को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच साइबर सेल को सौंप दी है। विधायक ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाए और यदि अवैध कब्जा सिद्ध होता है तो भूमि को तत्काल मुक्त कराया जाए। डॉ. शलभमणि त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि वे जनहित के मुद्दों पर बोलते रहेंगे और किसी भी प्रकार की धमकी से पीछे नहीं हटेंगे।

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