जानकारी के अनुसार, पहले इस मरम्मत कार्य के लिए 27 मार्च से 22 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया था और इसी अवधि में ओवरब्रिज को वन-वे कर ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की योजना थी। हालांकि, आवश्यक निर्माण सामग्री समय पर न पहुंच पाने के कारण कार्य में थोड़ी देरी हो गई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, मथुरा से आने वाली कुछ जरूरी सामग्री अभी देवरिया नहीं पहुंची है, जिसे आने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। ऐसे में अब यह तय किया गया है कि सभी उपकरण और सामग्री पूरी तरह उपलब्ध होने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि बीच में काम बाधित न हो।
एनएच विभाग के सहायक अभियंता एमडी राय ने बताया कि पुल की मरम्मत एक महत्वपूर्ण कार्य है और इसे व्यवस्थित तरीके से पूरा करना जरूरी है। उन्होंने कहा, “सभी सामग्री मंगाकर ही काम शुरू कराया जाएगा, जिससे किसी प्रकार की दिक्कत न आए। पूरी उम्मीद है कि एक अप्रैल से कार्य शुरू हो जाएगा।” मरम्मत कार्य शुरू होते ही पुल पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा। इस दौरान भारी वाहनों समेत अन्य यातायात को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ेगा। इससे शहर के अन्य मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है।
इसे देखते हुए जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था, ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा के लिए विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। मरम्मत के दौरान पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक किया जाएगा और संरचना को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी तकनीकी कार्य किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य पुल की मजबूती और भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि डायवर्जन लागू होने से पहले आम जनता को पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि लोग अपने यात्रा मार्ग पहले से तय कर सकें और किसी तरह की परेशानी से बच सकें।