देवरिया जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मिलावटी पनीर के अवैध धंधे से जुड़ा है, जहाँ कुछ लालची कारोबारी मोटी कमाई के लालच में आम लोगों की सेहत से खुला खिलवाड़ कर रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की तमाम सख्ती और छापेमारी के बावजूद बाजार में नकली पनीर की बिक्री बेरोकटोक जारी है। यह पनीर न केवल दूध से नहीं बन रहा, बल्कि इसमें इस्तेमाल हो रही सामग्री सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
कैसे बन रहा है नकली पनीर?
जांच में सामने आया है कि ये धंधेबाज पनीर तैयार करने के लिए शुद्ध दूध की जगह पाउडर वाला दूध उपयोग कर रहे हैं। यही नहीं, इसमें सोयाबीन के बीज को पीसकर मिलाया जा रहा है ताकि इसकी बनावट और रंग असली पनीर जैसा लगे। इस मिलावटी प्रक्रिया से तैयार किया गया पनीर स्वाद में तो सामान्य लगता है, लेकिन शरीर में जाते ही यह पेट, लीवर और किडनी जैसे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
लोगों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे पनीर के लगातार सेवन से फूड प्वाइजनिंग, एलर्जी, आंतों की समस्याएं और हॉर्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों और बुजुर्गों को है, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली पहले से ही कमजोर होती है।
दूध की खपत और मांग
जिले में प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर दूध की खपत होती है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा खुला दूध और लोकल डेयरियों से आता है। वहीं, ब्रांडेड पैकेट दूध भी बाजार में उपलब्ध है, लेकिन अधिकांश लोग अब भी खुले दूध और उससे बने उत्पादों पर निर्भर हैं—जिसका फायदा ये मिलावटखोर उठा रहे हैं।
प्रशासन क्या कर रहा है?
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर बाजार में जांच अभियान चलाया जाता है, लेकिन मिलावटखोरों के नेटवर्क और इनके छिपने के तरीकों के कारण इन्हें पकड़ पाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग असली और नकली पनीर की पहचान करें और संदिग्ध दुकानों से खरीदारी न करें।
निष्कर्ष:
देवरिया में नकली पनीर का धंधा केवल एक व्यापारिक धोखा नहीं, बल्कि आम जनता की जान के साथ खुला खिलवाड़ है। अब समय आ गया है कि लोग खुद भी सतर्क हों, जागरूकता फैलाएं और संदिग्ध खाद्य उत्पादों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही, प्रशासन को भी नियमित और कड़ी निगरानी सुनिश्चित करनी होगी ताकि इस जहरीले मुनाफे के धंधे पर लगाम लगाई जा सके।
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