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कांग्रेस ने CWC बैठक में उठाया ‘आत्मसम्मान’ का मुद्दा, महागठबंधन ने अति पिछड़ों के लिए जारी किया 10 सूत्री एजेंडा

Published on: September 25, 2025
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नई दिल्ली/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस और महागठबंधन ने अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को साधने की रणनीति तेज कर दी है। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में जहां पार्टी ने ‘आत्मसम्मान’ को केंद्र में रखते हुए बिहार में अपनी ऐतिहासिक भूमिका और योगदान पर जोर दिया, वहीं महागठबंधन ने अति पिछड़ों के लिए 10 सूत्री एजेंडा जारी कर चुनावी संदेश दिया।

🏛️ CWC बैठक और कांग्रेस का रुख

दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि बिहार की राजनीति में कांग्रेस ने हमेशा सामाजिक न्याय और आत्मसम्मान की लड़ाई को मजबूत किया है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि कांग्रेस सरकारों ने बिहार के विकास और सामाजिक संतुलन के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं, जिनकी बदौलत राज्य ने नई दिशा पाई।

कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी न केवल सामाजिक न्याय बल्कि EBC समुदाय के आत्मसम्मान और अधिकारों की भी मजबूत पैरोकार रही है।

📜 महागठबंधन का 10 सूत्री ‘न्याय संकल्प’

CWC बैठक के समानांतर, महागठबंधन (RJD, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल) ने अति पिछड़ों को लुभाने के लिए 10 सूत्री ‘न्याय संकल्प’ एजेंडा जारी किया। इसमें प्रमुख बिंदु हैं –

  • EBC अत्याचार निवारण अधिनियम लाना, ताकि भेदभाव और हिंसा को रोका जा सके।

  • पंचायत और शहरी निकायों में आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30% करना।

  • भूमिहीन अति पिछड़ा परिवारों को आवासीय भूखंड उपलब्ध कराना

  • छात्रों को विशेष छात्रवृत्ति और नौकरियों में आरक्षण को मजबूत करना।

  • स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं को व्यापक रूप से लागू करना।

राजनीतिक निहितार्थ

विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस और महागठबंधन की यह साझा कवायद नितीश कुमार के पारंपरिक EBC वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश है। लंबे समय से EBC समुदाय जेडीयू का मजबूत आधार रहा है। ऐसे में महागठबंधन का यह अभियान चुनावी मैदान में नया समीकरण खड़ा कर सकता है।

👉 संक्षेप में, कांग्रेस ने CWC बैठक के जरिए बिहार में अपनी ऐतिहासिक छवि को याद दिलाया और महागठबंधन ने इसे आगे बढ़ाते हुए अति पिछड़ों को सीधे साधने के लिए ठोस घोषणाएं कीं। यह कदम न केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है बल्कि सत्ता की कुंजी माने जाने वाले EBC मतदाताओं को लुभाने का प्रयास भी है।

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