द देवरिया न्यूज़,नोएडा : ग्रेटर नोएडा स्थित गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) में देश का पहला सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्लिनिक शुरू कर दिया गया है। 4 जनवरी 2026 को शुरू हुए इस क्लिनिक में AI और जेनेटिक स्क्रीनिंग की मदद से कैंसर, हृदय, किडनी और लिवर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान और इलाज किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक को शामिल करने की दिशा में इसे एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
यह AI क्लिनिक ब्लड टेस्ट, मेडिकल स्कैन और जेनेटिक डेटा का विश्लेषण कर बीमारियों का पता लगाएगा। इतना ही नहीं, इलाज के बाद मरीज की रिकवरी को भी AI के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा, जिससे इलाज की गुणवत्ता और प्रभावशीलता दोनों बेहतर होंगी।
AI क्लिनिक का उद्देश्य
AI क्लिनिक का मुख्य उद्देश्य एडवांस एल्गोरिदम और ऑटोमेशन के जरिए बीमारियों की पहचान, इलाज और मरीजों की देखभाल को अधिक सटीक और तेज बनाना है। ये क्लिनिक बड़े अस्पतालों का हिस्सा होते हुए भी दूरदराज और कम संसाधन वाले इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
AI से होगी जांच और विश्लेषण
GIMS के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता के अनुसार, क्लिनिक में AI टूल्स के जरिए ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई और लैब रिपोर्ट्स का विश्लेषण किया जाएगा। इससे गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में ही संभव होगी और मरीजों के इलाज व देखभाल में भी सुधार आएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को नए अवसर मिलेंगे।
रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी में क्रांति
AI की मदद से रेडियोलॉजिस्ट की कार्यक्षमता करीब 40% तक बढ़ जाती है। यह फ्रैक्चर, फेफड़ों में गांठ और छोटे ट्यूमर जैसी समस्याओं की तेजी से पहचान करता है, जिससे आपात स्थितियों में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके। वहीं, पैथोलॉजी में AI गलतियों की संभावना को कम करता है और टिश्यू एनालिसिस को अधिक सटीक बनाता है।
शुरुआती कैंसर पहचान और बेहतर मॉनिटरिंग
AI तकनीक शुरुआती कैंसर की पहचान में बेहद कारगर साबित हो सकती है। डीप लर्निंग मॉडल गलत पॉजिटिव और नेगेटिव मामलों को कम करते हैं। इसके अलावा, AI आधारित वियरेबल डिवाइस और ऐप्स मरीजों की हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को लगातार मॉनिटर कर किसी भी अनियमितता पर तुरंत अलर्ट भेज सकते हैं। इससे दोबारा अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत भी कम हो जाती है। कुल मिलाकर, GIMS का यह AI क्लिनिक भारत में स्मार्ट और आधुनिक हेल्थकेयर सिस्टम की दिशा में एक नई शुरुआत है।
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