द देवरिया न्यूज़,दावोस (स्विट्जरलैंड)। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भाषण ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अपने संबोधन में कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली मौजूदा विश्व व्यवस्था अब कमजोर हो रही है और एक नए ग्लोबल ऑर्डर की जरूरत है। इस नए संतुलन में भारत और चीन जैसे देशों की भूमिका को उन्होंने खासतौर पर अहम बताया।
मार्क कार्नी ने कहा कि दशकों तक अमेरिका ने वैश्विक व्यवस्था का नेतृत्व किया, लेकिन अब यह व्यवस्था बदलाव के दौर से गुजरते हुए टूटन की ओर बढ़ रही है। उन्होंने ‘मध्यम शक्तियों’ जैसे भारत, चीन और दक्षिण अमेरिकी देशों के संगठन मर्कोसुर को एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार, इन देशों और यूरोपीय संघ को नजरअंदाज करना रणनीतिक भूल होगी।
कार्नी ने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के कमजोर पड़ने पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका सबसे ज्यादा नुकसान छोटे और कमजोर देशों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इशारों में ट्रंप प्रशासन की टैरिफ और आक्रामक नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब दुनिया ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है, जहां ताकतवर की शर्तें कमजोर को माननी पड़ रही हैं।
अपने भाषण में उन्होंने अमेरिका से जरूरत से ज्यादा उम्मीद लगाने के रवैये पर भी सवाल उठाए। कार्नी ने कहा कि छोटे और मध्यम देशों को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि सिर्फ नियमों का पालन करने से उन्हें सुरक्षा मिल जाएगी। अब समय आ गया है कि ये देश आपसी सहयोग बढ़ाएं, क्योंकि अगर वे फैसलों की मेज पर नहीं होंगे तो फिर फैसलों का हिस्सा बन जाएंगे।
भारत का उल्लेख करते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली नए वैश्विक संतुलन में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि कनाडा अमेरिका पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है और इसी क्रम में भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। यह कदम वैश्विक साझेदारियों को विविध बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
इसके अलावा कार्नी ने जानकारी दी कि कनाडा ने हाल ही में चीन और कतर के साथ नई रणनीतिक साझेदारियां की हैं और भारत, आसियान देशों, थाईलैंड, फिलीपींस और मर्कोसुर के साथ व्यापार समझौतों पर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग और संतुलन ही आगे का रास्ता है।
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