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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: 100 mg से अधिक निमेसुलाइड वाली दर्द-बुखार की दवाओं पर देशभर में रोक

Published on: January 1, 2026
Big decision of central government

द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड वाली बुखार और दर्द निवारक सभी मौखिक (ओरल) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत लिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 100 mg से ज्यादा निमेसुलाइड युक्त ओरल फॉर्मूलेशन का उपयोग मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। मंत्रालय के अनुसार, बाजार में इस दवा के सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं, इसलिए हाई-डोज निमेसुलाइड को जारी रखना जरूरी नहीं है।

क्या है निमेसुलाइड

निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है, जिसका इस्तेमाल दर्द और बुखार में किया जाता है। हालांकि, लिवर पर गंभीर दुष्प्रभावों की आशंका को लेकर यह दवा लंबे समय से विवादों में रही है और कई देशों में इसके उपयोग पर सख्त नियम लागू हैं।

बैन का असर क्या होगा

इस फैसले के बाद निमेसुलाइड के हाई-डोज ब्रांड्स बनाने वाली दवा कंपनियों को अपना उत्पादन बंद करना होगा और बाजार में मौजूद स्टॉक को वापस मंगाना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी फार्मा कंपनियों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि कुल NSAID बाजार में निमेसुलाइड की हिस्सेदारी सीमित है। हालांकि, जो छोटी कंपनियां इस दवा पर ज्यादा निर्भर हैं, उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है।

सरकार ने क्यों लिया फैसला

सरकार पहले भी सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई हाई-रिस्क दवाओं और फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन पर धारा 26A के तहत प्रतिबंध लगा चुकी है। साथ ही, देश में दवा सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और घरेलू बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बल्क ड्रग पार्क योजना के तहत सितंबर 2025 तक हजारों करोड़ रुपये के निवेश की योजना भी लागू की जा रही है।


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