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देवरिया में ‘बरगद मंथन’ संपन्न, देशभर के उद्यमियों और निवेशकों ने साझा किए अनुभव

Published on: January 25, 2026
‘Banyan Manthan’ concluded in Deoria
द देवरिया न्यूज़,देवरिया : बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में ‘कौन बनेगा बरगद’ पहल के तहत आयोजित दो दिवसीय ‘बरगद मंथन’ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस आयोजन में देशभर से उद्यमी, मेंटर्स, निवेशक और उद्यमिता विशेषज्ञ शामिल हुए और नवाचार, निवेश तथा दीर्घकालिक विकास पर मंथन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत ‘बरगदवाणी’ सत्र से हुई, जिसमें जागृति उद्यम केंद्र परिसर में स्थित लगभग 300 वर्ष पुराने बरगद वृक्ष की प्रेरक यात्रा साझा की गई। यह वृक्ष गहरी जड़ों, धैर्य और दीर्घकालिक विकास का प्रतीक माना जाता है। इसी दर्शन के अनुरूप जागृति संस्था उद्यमों को बीज से वृक्ष बनने तक मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।

जागृति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष कुमार ने ‘कौन बनेगा बरगद’ की परिकल्पना से लेकर ‘बरगद मंथन’ तक की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पहल पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों से उभरते उद्यमों के लिए एक दीर्घकालिक संस्थागत मंच है, जिसका उद्देश्य उन्हें निवेश-योग्य और टिकाऊ बनाना है।

जागृति के चेयरमैन शरत बंसल ने उद्यमिता के मूल सिद्धांतों, मजबूत व्यावसायिक आधार और अनुशासित सोच पर जोर देते हुए कहा कि जागृति का लक्ष्य केवल अल्पकालिक सफलता नहीं, बल्कि ऐसे उद्यमों का निर्माण करना है जो लंबे समय तक समाज में सकारात्मक प्रभाव छोड़ें। वहीं, वाइस चेयरमैन अश्विन नायक ने उद्यमिता में मानवीय मूल्यों, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की अहम भूमिका पर बात की।

कार्यक्रम के दूसरे दिन ‘बरगद विमर्श’ सत्र आयोजित हुआ, जिसमें उद्यमिता, वित्त, रणनीति, स्थिरता और ग्रामीण नवाचार से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। इस सत्र का संचालन आशुतोष कुमार ने किया। वक्ताओं ने उद्यमियों को दीर्घकालिक दृष्टि, वित्तीय अनुशासन और बाजार की गहरी समझ विकसित करने की सलाह दी।

जागृति के संस्थापक शशांक मणि ने कहा कि जैसे एक छोटा बीज समय के साथ विशाल बरगद बनता है, उसी तरह जागृति का प्रयास स्थानीय उद्यमियों को मजबूत जड़ों और स्पष्ट दृष्टि के साथ आगे बढ़ाने का है। कार्यक्रम का समापन इन्क्यूबेशन डायरेक्टर विश्वास पांडेय के संबोधन के साथ हुआ, जिन्होंने दो दिनों की गतिविधियों का सार प्रस्तुत किया।


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