सूत्रों के मुताबिक, फैक्टरी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन सुबह से ही बंद हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इस कार्रवाई को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी होने से इनकार किया है। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी के जवान फैक्टरी गेट और परिसर के भीतर तैनात रहे।
मोबाइल फोन जब्त, आवाजाही पर रोक
फैक्टरी से दोपहर की शिफ्ट में बाहर निकले कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच के दौरान प्रबंधक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। कार्यालय के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं और किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। कर्मचारियों की आवाजाही पूरे दिन लगभग ठप रही।
सीतापुर से भेजी गई विशेष टीम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की यह विशेष टीम सीतापुर से भेजी गई थी। सुरक्षा के लिए पीएसी के 10 जवान साथ आए थे। टीम ने सोमवार रात अयोध्या में विश्राम के बाद मंगलवार तड़के देवरिया पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। चर्चा है कि करीब पांच आयकर अधिकारी फैक्टरी के वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं।
एनजीटी में पहले से चल रहा है मामला
गौरतलब है कि फॉरएवर डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड पर पर्यावरण प्रदूषण को लेकर पहले से ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में मामला लंबित है। औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने के आरोप में पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने एनजीटी में वाद दाखिल किया है, जिसकी सुनवाई 19 जनवरी को निर्धारित है।
एनजीटी की मुख्य पीठ ने इस मामले में एक संयुक्त समिति का गठन किया है, जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (लखनऊ) और जिलाधिकारी देवरिया के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति को स्थल निरीक्षण कर आठ सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल आयकर विभाग की छापेमारी और एनजीटी में चल रहे मामले को लेकर औद्योगिक क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, हालांकि आधिकारिक तौर पर जांच एजेंसियों की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।