17 दिसंबर की सुबह अलीगढ़ के लोधा क्षेत्र के गांव हैवतपुर स्थित अकरावत बंबे के पास कच्चे रास्ते पर राजकुमार का शव मिला था। वह आगरा के बैईपुर स्थित श्रीरामचंद्र पब्लिक स्कूल के पास रहता था और लूथरा जूता कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली लगने और चेहरे पर चाकू से वार के कारण मौत की पुष्टि हुई। हालांकि चेहरे पर वाहन चढ़ाने के स्पष्ट निशान नहीं मिले, लेकिन घटनास्थल पर ऐसे साक्ष्य पाए गए, जिनसे गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की आशंका जताई गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि राजकुमार मंगलवार दोपहर घर से रुपये लेने की बात कहकर निकला था। वह आगरा से रोडवेज बस से अलीगढ़ पहुंचा, जहां आगरा कट पर उतरने के बाद सीसीटीवी में उसे एक कार में कुछ लोगों के साथ सवार देखा गया। कार पहले सूतमिल इलाके में रुकी और फिर रात करीब 9:30 बजे घटना स्थल की ओर गई।
सर्विलांस जांच में यह भी सामने आया कि दोपहर एक बजे से रात चार बजे तक राजकुमार की पत्नी ज्योति की एक संदिग्ध नंबर पर सात बार बातचीत हुई। इसी आधार पर पुलिस का शक गहराया और पत्नी ज्योति, धनीपुर निवासी दिव्यांग बॉबी और उसके दोस्त, धनीपुर मंडी के आढ़ती संदीप सिंह को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ज्योति का बॉबी से करीब एक दशक पुराना संबंध था। पहले ज्योति का परिवार बॉबी के घर किराये पर रहता था। इसी दौरान बॉबी और ज्योति के बीच नजदीकियां बढ़ीं। आर्थिक रूप से मजबूत बॉबी उसकी मदद करता था। राजकुमार को जब इस रिश्ते की जानकारी हुई तो वह इसका विरोध करने लगा। इसी विरोध से परेशान होकर ज्योति और बॉबी ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
साजिश के तहत बॉबी ने अपने दोस्त संदीप और उसके दो रिश्तेदारों को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी दी, जिसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए गए। योजना के अनुसार राजकुमार को रुपये दिलाने के बहाने बॉबी के पास बुलाया गया, फिर कार में घुमाकर शराब पिलाई गई और रात करीब 10 बजे उसकी हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के लिए चेहरे को बिगाड़ने की भी कोशिश की गई।
सीओ गभाना धनंजय के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और रविवार को पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।