द देवरिया न्यूज़,वॉशिंगटन/तेहरान : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों अमेरिकी मरीन कमांडो शुक्रवार तक मिडिल ईस्ट पहुंच जाएंगे। यह तैनाती ऐसे समय हो रही है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक ओर ईरान से युद्धविराम पर बातचीत की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट (MEU) के करीब 2200 जवान USS Tripoli पर सवार होकर क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। इनके साथ एम्फीबियस लैंडिंग डॉक USS New Orleans भी तैनात होगा। इसके अलावा 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के लगभग 2500 सैनिक USS Boxer युद्धपोत के साथ मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं।
और बढ़ सकती है सैन्य तैनाती
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सेना 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की एक कॉम्बैट ब्रिगेड (करीब 3000 सैनिक) को भी तैनात करने पर विचार कर रही है। यह यूनिट “तत्काल प्रतिक्रिया बल” के रूप में जानी जाती है और 18 घंटे के भीतर दुनिया में कहीं भी तैनात हो सकती है।
बातचीत या सैन्य तैयारी?
राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को पांच दिन का समय दिया है और इस बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत की भी चर्चा है। हालांकि कई सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत वास्तविक समाधान से ज्यादा रणनीतिक समय हासिल करने का प्रयास हो सकता है।
पूर्व अमेरिकी रक्षा अधिकारी माइकल पैट्रिक मुलरॉय के अनुसार, “दो मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट्स की तैनाती संकेत देती है कि कोई बड़ा सैन्य कदम उठाने की तैयारी हो सकती है।”
क्या होती हैं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट्स (MEU)?
MEU विशेष प्रकार की एम्फीबियस (जल-थल) लड़ाकू इकाइयां होती हैं, जो समुद्र से ऑपरेशन करने और तेजी से तैनाती के लिए जानी जाती हैं। इनमें पैदल सैनिक, बख्तरबंद वाहन, तोपखाना, हेलीकॉप्टर, लड़ाकू विमान और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट शामिल होता है। इन्हें अक्सर संघर्ष वाले क्षेत्रों में सबसे पहले भेजा जाता है। अमेरिका ने अफगानिस्तान (2001) और इराक (2003) युद्धों में भी इन यूनिट्स का इस्तेमाल किया था।
संभावित लक्ष्य और रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का फोकस फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने पर है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अमेरिका ईरान के रणनीतिक खर्ग द्वीप पर दबाव बनाने की रणनीति पर विचार कर सकता है, जहां से ईरान के करीब 90% कच्चे तेल का निर्यात होता है।
हालांकि, इस तरह की कार्रवाई जोखिम भरी हो सकती है। खर्ग द्वीप पर ईरानी लड़ाके मौजूद हैं और वहां बड़ी आबादी भी रहती है। ऐसे में किसी भी सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल, क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
इसे भी पढ़ें : देवरिया में 192 ग्राम पंचायतें हुईं ‘टीबी मुक्त’, डीएम ने प्रधानों को किया सम्मानित
➤ You May Also Like

































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































