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ट्रंप बोले—भारत-चीन के प्रतिभाशाली छात्र अमेरिका छोड़ने को मजबूर, नया ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ बदलेगा स्थिति; 9 करोड़ रुपये में मिलेगी नागरिकता की राह

Published on: December 12, 2025
Trump said-talents from India and China

द देवरिया न्यूज़,देश/विदेश : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और चीन जैसे देशों के प्रतिभाशाली छात्र अमेरिका की शीर्ष यूनिवर्सिटीज़ से पढ़ाई पूरी करने के बाद जबरन अपने देश लौटने को मजबूर होते हैं, जो ‘शर्मनाक’ स्थिति है। व्हाइट हाउस में आयोजित राउंडटेबल चर्चा में उन्होंने कहा कि नया ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड वीजा प्रोग्राम’ इस समस्या को खत्म करेगा और अमेरिकी कंपनियों को प्रतिभाशाली युवाओं को नियुक्त करने और उन्हें देश में बनाए रखने में मदद करेगा।


9 करोड़ रुपये का ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ लॉन्च

बुधवार को ट्रंप ने 1 मिलियन डॉलर (लगभग 9 करोड़ रुपये) की लागत वाला गोल्ड कार्ड वीज़ा शुरू किया। इसे अमेरिकी नागरिकता तक पहुंच का नया तेज मार्ग बताया गया है। यह कार्ड उन लोगों को दिया जाएगा जिनमें “अमेरिका को महत्वपूर्ण लाभ पहुंचाने की क्षमता” होगी।

ट्रंप ने कहा कि दुनिया भर से लाखों प्रतिभाशाली छात्र अमेरिका आते हैं, लेकिन पढ़ाई के बाद उन्हें रुकने की अनुमति न मिलना हास्यास्पद है।


कंपनियां टॉप टैलेंट को रोकने के लिए खरीद सकेंगी गोल्ड कार्ड

आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा और डेल टेक्नोलॉजीज के माइकल डेल की मौजूदगी में ट्रंप ने बताया कि अब कंपनियां
व्हार्टन, हार्वर्ड और एमआईटी जैसे शीर्ष संस्थानों के छात्रों के लिए गोल्ड कार्ड खरीद सकेंगी।

एप्पल के सीईओ टिम कुक सहित कई इंडस्ट्री लीडर्स बार-बार शिकायत कर चुके हैं कि वे टॉप टैलेंट को इसलिए नियुक्त नहीं कर पाते क्योंकि यह निश्चित नहीं होता कि छात्र अमेरिका में रुक पाएंगे या नहीं।


ट्रंप: गोल्ड कार्ड, ग्रीन कार्ड से बेहतर—और तेज

उनके अनुसार गोल्ड कार्ड के फायदे ग्रीन कार्ड से ज्यादा हैं।
ग्रीन कार्ड में वर्षों लग जाते हैं, जबकि गोल्ड कार्ड धारक 5 साल बाद नागरिकता के पात्र हो जाएंगे।


गोल्ड कार्ड की लागत

  • व्यक्ति के लिए: 1 मिलियन डॉलर

  • कंपनी स्पॉन्सरशिप: 2 मिलियन डॉलर

  • हर कार्ड सिर्फ एक व्यक्ति के लिए मान्य होगा

  • व्यापक और सख्त बैकग्राउंड जांच शामिल होगी

वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने बताया कि यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि केवल योग्य और सुरक्षित उम्मीदवारों को ही मंजूरी मिले।


आधिकारिक प्रक्रिया — ऐसे मिलेगा ट्रंप गोल्ड कार्ड

  1. trumpcard.gov पर ऑनलाइन आवेदन
    विस्तृत व्यक्तिगत व वित्तीय जानकारी के साथ फॉर्म भरना होगा।

  2. 15,000 डॉलर DHS प्रोसेसिंग शुल्क
    बैकग्राउंड जांच के लिए अनिवार्य शुल्क।

  3. कड़ी सुरक्षा जांच
    पात्रता और सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा।

  4. 1 मिलियन डॉलर का योगदान
    कंपनी स्पॉन्सर हो तो 2 मिलियन डॉलर का कार्ड खरीदना होगा।

  5. तेज प्रोसेसिंग में अमेरिकी निवास
    दावा है कि यह ग्रीन कार्ड से कई गुना तेज प्रक्रिया है।

  6. 5 वर्ष बाद नागरिकता का रास्ता
    सभी शर्तें पूरी होने पर नागरिकता के लिए आवेदन संभव।


ग्लोबल ट्रेंड जैसा अमेरिकी गोल्डन वीज़ा

ब्रिटेन, स्पेन, ग्रीस, माल्टा और कनाडा सहित कई देश पहले से निवेश आधारित गोल्डन वीज़ा देते हैं। ट्रंप का गोल्ड कार्ड उसी मॉडल का अमेरिकी संस्करण माना जा रहा है।


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