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कटिहार में तेजस्वी यादव का बड़ा बयान: “महागठबंधन की सरकार बनी तो वक्फ़ एक्ट फाड़कर फेंक देंगे” — नीतीश पर साधा निशाना, कहा अब होश में नहीं हैं

Published on: October 27, 2025
Tejashwi Yadav in Katihar

द देवरिया न्यूज़ : बिहार विधानसभा चुनाव के बीच राजनीति गरमा गई है। विपक्षी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को कटिहार में आयोजित जनसभा में वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम को लेकर कड़ा बयान दिया। तेजस्वी ने कहा कि अगर राज्य में महागठबंधन की सरकार बनी, तो केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ़ कानून को “कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।”

केंद्र और भाजपा पर हमला

तेजस्वी यादव ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा,

“भाजपा का असली नाम ‘भारत जलाओ पार्टी’ होना चाहिए। आरएसएस और उसके सहयोगी बिहार में नफरत फैला रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने कभी भी सांप्रदायिक ताकतों से समझौता नहीं किया, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा ऐसी ताकतों के साथ खड़े रहे हैं।

“नीतीश अब होश में नहीं हैं”

कटिहार में जनसभा के दौरान तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा,

“बिहार की जनता 20 साल पुराने नीतीश शासन से ऊब चुकी है। मुख्यमंत्री अब होश में नहीं हैं। राज्य के हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला है और कानून-व्यवस्था की हालत बेहद खराब है।”

उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो सीमांचल क्षेत्र के विकास के लिए ‘सीमांचल विकास प्राधिकरण’ का गठन किया जाएगा। तेजस्वी ने दावा किया कि एनडीए सरकार ने पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जैसे सीमांचल जिलों के विकास के लिए कुछ नहीं किया।

पेंशन बढ़ाने और नई योजनाओं का वादा

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश सरकार उनकी चुनावी घोषणाओं की नकल कर रही है। उन्होंने बताया कि,

“हमने वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने का वादा किया था। अब सरकार ने इसे 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये किया है। हमारी सरकार बनने पर इसे 2000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।”

वक्फ़ एक्ट पर सियासी बवाल

तेजस्वी के इस बयान से पहले शनिवार को राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने कहा था कि तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनते ही सभी विवादित बिल, जिनमें वक्फ़ बिल भी शामिल है, फाड़ दिए जाएंगे।
इस बयान के बाद बिहार की सियासत गरमा गई थी। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि कोई मुख्यमंत्री केंद्र के कानून को कैसे रद्द कर सकता है।

गौरतलब है कि वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम अप्रैल 2024 में संसद से पारित हुआ था, और केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार का दावा है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय, खासकर पिछड़े वर्गों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पारदर्शिता लाने वाला है। वहीं विपक्ष का कहना है कि यह अधिनियम मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन करता है।

सियासत में बढ़ी गर्मी

तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल मच गई है। भाजपा और जदयू नेताओं ने इसे संविधान विरोधी बयान बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात कही है, जबकि राजद नेताओं का कहना है कि तेजस्वी का बयान धार्मिक संस्थानों की स्वायत्तता की रक्षा के लिए है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वक्फ़ कानून पर दिया गया तेजस्वी का बयान चुनावी मैदान में मुस्लिम मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा है, लेकिन इससे राजनीतिक ध्रुवीकरण भी तेज़ हो सकता है।


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