द देवरिया न्यूज़ गोरखपुर। पशु तस्करों द्वारा नीट की तैयारी कर रहे छात्र की हत्या के बाद गोरखपुर मंडल में हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही पशु तस्करी और पुलिस की लापरवाही को देखते हुए डीजीपी मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। नतीजा यह हुआ कि कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा को पुलिस मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया। वहीं, दो दिन से एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम गोरखपुर में डेरा डाले हुए है और लगातार छापेमारी व पूछताछ कर रही है।
एडीजी का दौरा, जांच और बैठक
गुरुवार देर शाम गोरखपुर जोन के एडीजी अशोक मुथा जैन ने कुशीनगर का दौरा किया। उन्होंने कुशीनगर हाइवे से लेकर बिहार बॉर्डर तक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद एडीजी ने एक होटल में जिले के अफसरों के साथ बैठक की और पूरे तस्करी नेटवर्क पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि एसटीएफ द्वारा पकड़े गए बिहार के एक बड़े पशु तस्कर से मिली डायरी में कुशीनगर के कुछ पुलिसकर्मियों के नाम और फोन नंबर दर्ज मिले हैं। इस जानकारी के बाद बड़ी कार्रवाई की सूची तैयार हुई।
25 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, दो थानेदार भी शामिल
सूत्रों के मुताबिक, एडीजी जोन ने गोरखपुर लौटने के बाद वायरलेस सेट पर आदेश जारी करते हुए कुशीनगर जिले के कुल 25 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इस सूची में कसया थाने के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार शर्मा और तमकुहीराज थाने के प्रभारी सुशील शुक्ला जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा तीन चौकी प्रभारी, कई एसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल भी कार्रवाई की जद में आए।
कार्रवाई की जद में आए पुलिसकर्मी
हाटा थाने से एसएसआई मंगेश मिश्रा, हेड कांस्टेबल सतीश चंद, कांस्टेबल सुधीर कुमार यादव, डब्ल्यू कुमार, बृजेश यादव और अजय तिवारी को लाइन हाजिर किया गया। कसया थाने से हेड कांस्टेबल राजेश कुमार सिंह, कुशीनगर चौकी प्रभारी गौरव शुक्ला और कांस्टेबल राहुल पांडेय पर गाज गिरी। तरयासुजान थाने के बहादुरपुर चौकी इंचार्ज अनुराग शर्मा, एसआई अरविंद कुमार और कांस्टेबल नवनीत शुक्ला, विशाल सिंह भी कार्रवाई की चपेट में आए।
तमकुहीराज थाने से हेड कांस्टेबल असलम अहमद और कांस्टेबल मोहित कुमार उपाध्याय को लाइन हाजिर किया गया। चौराखास थाने से कांस्टेबल विकास प्रजापति और हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार, खड्डा थाने से कांस्टेबल शशिकेष गोस्वामी, पटहेरवा थाने के तीनफेडिया चौकी प्रभारी एसआई पवन कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल फूलचंद चौधरी, श्याम सिंह यादव, अर्जुन खरवार और विनोद कुमार यादव को भी तत्काल प्रभाव से लाइन रिपोर्ट करने का आदेश जारी हुआ।
एसटीएफ की बड़ी भूमिका
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए तस्कर की डायरी में दर्ज नामों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि यह केवल पहली किस्त है और आगे भी कई नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई के बाद से खौफ का माहौल है। कई पुलिसकर्मी अब यह जानने में जुटे हैं कि कहीं अगली कार्रवाई की सूची में उनका नाम तो नहीं है।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों को शुक्रवार सुबह तक पुलिस लाइन में हाजिरी देनी पड़ी। एडीजी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पशु तस्करी में किसी भी तरह की मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में सीमावर्ती थानों की नियमित जांच होगी और तस्करी रोकने के लिए विशेष निगरानी टीम बनाई जा सकती है। यह कदम यह भी संकेत दे रहा है कि पुलिस विभाग अब पशु तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए गंभीर हो चुका है।
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