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सहारा समूह के कर्मचारियों का बगावती तेवर – वेतन व पीएफ बकाया को लेकर ‘सहारा शहर’ में धरना प्रदर्शन

Published on: October 4, 2025
sahara group employees
द देवरिया न्यूज़ ,लखनऊ। सहारा समूह के कर्मचारियों ने मंगलवार को गोमती नगर स्थित ‘सहारा शहर’ में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से वेतन और भविष्य निधि (पीएफ) जैसे मूलभूत बकाया अटका हुआ है। कामकाज ठप कर सैकड़ों की संख्या में जुटे कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि उनकी मेहनत की कमाई पर डाका डाला जा रहा है।

2014 से अब तक पीएफ जमा नहीं

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि साल 2014 से अब तक उनका पीएफ जमा नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, महीनों से वेतन का भी भुगतान नहीं हुआ है। इससे उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और भविष्य दोनों संकट में हैं।

“पूरी जिंदगी कंपनी को दी, अब कमाई फंसी”

धरने में शामिल एक वरिष्ठ कर्मचारी ने आक्रोश जताते हुए कहा:

“हमने पूरी जिंदगी सहारा को दी, अब हमारी जिंदगीभर की कमाई फंसी हुई है। पहले हमारा पैसा दो, फिर कंपनी को बंद करो या जो करना है करो। लेकिन हमारे साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।”

कर्मचारियों का कहना है कि अब उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च तक चलाना मुश्किल हो रहा है।

प्रबंधन का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं आया

धरना-प्रदर्शन के दौरान सहारा समूह की ओर से कोई वरिष्ठ अधिकारी या प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। न ही कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया। इससे कर्मचारियों में और नाराजगी फैल गई। उनका कहना है कि प्रबंधन लगातार उनकी आवाज़ को अनसुना कर रहा है।


सरकार और श्रम विभाग से दखल की मांग

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने राज्य सरकार और श्रम विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे।


“हम पीछे नहीं हटेंगे”

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक वेतन और पीएफ का बकाया क्लियर नहीं होता, वे किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ वेतन का मुद्दा नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार के भविष्य से जुड़ा मामला है।

सहारा समूह, जो कभी देश के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में गिना जाता था, आज अपने ही कर्मचारियों के आक्रोश का सामना कर रहा है। सालों से लंबित वेतन और पीएफ को लेकर भड़के कर्मचारियों ने प्रबंधन को साफ चेतावनी दी है कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे। अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और भी उग्र हो सकता है।


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