Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

प्रशांत किशोर का बड़ा आरोप: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हत्या मामलों में रहे अभियुक्त

Published on: September 29, 2025
Prashant Kishore's big allegation
Bihar Assembly Election 2025 : जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी का नाम बिहार के सबसे चर्चित शिल्पी गौतम हत्याकांड में संदिग्ध अभियुक्त के रूप में सामने आया था। उस समय चौधरी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में थे और साधु यादव के साथ इस केस में आरोपित बनाए गए थे। मामला सीबीआई तक गया, जहां उनसे पूछताछ हुई और सैंपल भी लिया गया।

पीके का आरोप है कि उस वक्त लालू प्रसाद यादव की सरकार ने साधु यादव को बचाने के लिए पूरा केस खत्म करवा दिया, लेकिन बिहार की जनता इस मामले से अनजान नहीं है। उन्होंने नीतीश सरकार से मांग की कि या तो सम्राट चौधरी को गिरफ्तार किया जाए या फिर जिन लोगों पर हत्या के आरोप हैं उन्हें भी जेल से बाहर आने दिया जाए।

“इस्तीफा दें सम्राट चौधरी”

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि सम्राट चौधरी पर छह लोगों की हत्या का आरोप है। मुंगेर में कांग्रेस नेता की हत्या का मामला भी उन्हीं पर दर्ज हुआ था। कोर्ट ने उस समय उन्हें नाबालिग बताते हुए राहत दी थी, लेकिन बरी नहीं किया था। उन्होंने कहा, “हत्या के आरोपी व्यक्ति आज उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तुरंत उनसे इस्तीफा लेना चाहिए।”

पीके ने सवाल उठाया कि सम्राट चौधरी कब बताएंगे कि शिल्पी गौतम केस में उनका नाम था और क्या सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सम्राट चौधरी इस पर सफाई नहीं देंगे तो अगली बार वे सीबीआई की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे।

सदानंद सिंह हत्याकांड का जिक्र

प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी का असली नाम सम्राट कुमार मौर्य है और 1998 में कांग्रेस के दिग्गज नेता सदानंद सिंह की हत्या के मामले में उनका नाम सामने आया था। आरोप है कि बम मारकर सदानंद सिंह समेत छह लोगों की हत्या की गई, जिसके बाद चौधरी जेल गए। छह महीने बाद उन्हें नाबालिग मानकर रिहा किया गया।

पीके ने कहा, “बिहार की जनता को जानना चाहिए कि उनका उपमुख्यमंत्री हत्या का अभियुक्त रहा है और जेल की सजा काट चुका है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पहली बार मंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पर उम्र में गड़बड़ी (एज फ्रॉड) का आरोप भी लगा था, जिसकी वजह से उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

राजनीति में बढ़ा तनाव

प्रशांत किशोर के इन आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है, वहीं सत्ताधारी दल की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply