द देवरिया न्यूज़,लंदन। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण से जुड़ी अपील पर सुनवाई ब्रिटेन के उच्च न्यायालय ने अगले साल मार्च 2026 तक के लिए स्थगित कर दी है। नीरव मोदी ने अपनी प्रत्यर्पण अपील पर दोबारा विचार किए जाने का अनुरोध किया था। अदालत ने यह फैसला मुंबई में नीरव मोदी की हिरासत को लेकर भारतीय अधिकारियों की ओर से दिए गए ठोस आश्वासनों के बाद लिया।
क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने रखे तर्क
सुनवाई के दौरान भारत सरकार की ओर से पैरवी कर रही क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने अदालत को बताया कि प्रत्यर्पण में कानूनी बाधा से जुड़ी एक “गोपनीय प्रक्रिया” — जिसे शरण (असाइलम) आवेदन माना जा रहा है — संभवतः अगस्त 2025 में विफल हो चुकी है।
CPS ने तर्क दिया कि इसी गोपनीय प्रक्रिया के कथित रूप से समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद नीरव मोदी ने प्रत्यर्पण अपील पर पुनर्विचार का आवेदन दाखिल किया, जो संदेह के घेरे में है।
पेंटोनविल जेल से पेश हुआ नीरव मोदी
नीरव मोदी को उत्तरी लंदन की पेंटोनविल जेल से वीडियो लिंक के जरिए अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि मार्च–अप्रैल 2026 में प्रस्तावित दो दिवसीय सुनवाई के दौरान नीरव मोदी की यह अपील खारिज कर दी जाती है, तो भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो जाएगा।
गौरतलब है कि नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ऋण घोटाले का मुख्य आरोपी है और लंबे समय से ब्रिटेन की जेल में बंद है।
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