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NHAI की नई तकनीकी पहल: 23 राज्यों में तैनात होंगे Network Survey Vehicles, सड़कों की गुणवत्ता पर रखी जाएगी एआई निगरानी

Published on: October 23, 2025
NHAI's new technological initiative
द देवरिया न्यूज़ ,नई दिल्ली। देश की सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ी तकनीकी पहल की शुरुआत की है। अब एनएचएआई 23 राज्यों में Network Survey Vehicles (NSV) तैनात करने जा रहा है, जो करीब 20,933 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग सड़कों की स्थिति का डिजिटल सर्वे करेंगे।

इस अत्याधुनिक पहल का उद्देश्य है — हाईवे को अधिक सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ बनाना, ताकि सड़क हादसों की संभावनाएं घटें और यातायात व्यवस्था में निरंतर सुधार हो।


क्या करेंगे Network Survey Vehicles (NSV)

एनएचएआई के अनुसार, ये NSV वाहन विशेष सेंसर, कैमरों और जीपीएस तकनीक से लैस होंगे।
वे सड़कों की सतह की स्थिति, गड्ढों, दरारों, जोड़ों की टूट-फूट, सिग्नलिंग, सड़क चिह्नों और अन्य तकनीकी कमियों को रीयल टाइम में रिकॉर्ड करेंगे।
इन वाहनों द्वारा कैप्चर की गई जानकारी में शामिल होगी:
  • सड़क की सतह की गुणवत्ता (Surface Quality)
  • गड्ढे, उभार और दरारों की गहराई
  • सड़क के किनारे की संरचना, रेलिंग और संकेतक की स्थिति
  • यातायात प्रवाह और बाधाओं से संबंधित विवरण
इस सर्वे का डेटा सड़क रखरखाव और मरम्मत के लिए तकनीकी रूप से सटीक इनपुट देगा, जिससे खराब हिस्सों की पहचान पहले से की जा सकेगी और समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।

AI आधारित “Data Lake” पोर्टल पर होगा विश्लेषण

एनएचएआई ने बताया कि सभी सर्वे डेटा को उसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पोर्टल Data Lake (डाटा लेक) पर अपलोड किया जाएगा।
यह पोर्टल एनएचएआई विशेषज्ञों को सक्षम करेगा कि वे:
  • सड़कों की गुणवत्ता का विश्लेषण करें
  • सड़क मरम्मत की प्राथमिकता तय करें
  • नीति निर्माण के लिए डेटा-आधारित निर्णय लें
इस पोर्टल से जुड़े Road Asset Management System (RAMS) में यह डेटा सुरक्षित रहेगा ताकि भविष्य में भी सड़कों की स्थिति का ऐतिहासिक रिकॉर्ड उपलब्ध हो सके।

हर 6 महीने में दोबारा होगा सर्वे

एनएचएआई के मुताबिक, यह सर्वे प्रत्येक परियोजना की शुरुआत से पहले और फिर हर छह महीने में नियमित रूप से किया जाएगा।
यह सभी प्रकार की परियोजनाओं पर लागू होगा —
  • 2-लेन
  • 4-लेन
  • 6-लेन
  • 8-लेन
इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी सड़क खंड की स्थिति लगातार निगरानी में रहे और किसी भी खराबी का तुरंत समाधान किया जा सके।

भविष्य के लिए संरक्षित रहेगा डेटा

सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, यह पूरा डेटा दीर्घकालिक डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में रखा जाएगा।
इससे भविष्य में सड़क सुधार, चौड़ीकरण, मरम्मत या पुनर्निर्माण से जुड़े तकनीकी निर्णयों के लिए उपयोगी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
यह कदम देश में ‘Predictive Maintenance’ (पूर्वानुमान आधारित रखरखाव) की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

योग्य कंपनियों से मांगी गई निविदाएं

एनएचएआई ने इस तकनीकी परियोजना को लागू करने के लिए योग्य कंपनियों से निविदाएं (tenders) आमंत्रित की हैं।
इन कंपनियों को निम्न जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी:
  • सड़क सर्वेक्षण (Survey)
  • डाटा प्रोसेसिंग
  • एआई विश्लेषण और रिपोर्ट तैयार करना
एनएचएआई का कहना है कि परियोजना का मूल्यांकन पूरी तरह तकनीकी दक्षता और पारदर्शिता के आधार पर किया जाएगा।

क्यों है यह कदम अहम

भारत में सड़क सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय रही है। सड़क हादसों में हर साल हजारों लोगों की जान जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एनएचएआई की यह पहल सड़क सुरक्षा में ‘डेटा-संचालित पारदर्शिता’ लाएगी।
AI-आधारित सर्वेक्षणों से सड़क की खामियों का तुरंत और सटीक पता चल सकेगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और रखरखाव का खर्च भी कम होगा।

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