ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने पुष्टि की कि ‘SELEN’ नामक कंटेनर जहाज को इसलिए रोका गया क्योंकि उसके पास जलडमरूमध्य से गुजरने की आवश्यक अनुमति नहीं थी। जहाज संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह बंदरगाह से पाकिस्तान के कराची की ओर जा रहा था।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन बना वजह
IRGC नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसिरी के अनुसार, जहाज ने निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं और समन्वय का पालन नहीं किया था। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरानी समुद्री प्राधिकरण के साथ पूर्ण समन्वय जरूरी है। नियमों के उल्लंघन के कारण जहाज को वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना की पुष्टि इस्लामाबाद स्थित ईरानी दूतावास ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से की है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर असर?
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कोशिशों में जुटा है। ऐसे में जहाज को लौटाए जाने को पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल के लिए झटका माना जा रहा है।
जहाज की जानकारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, SELEN एक छोटा फीडर कंटेनर जहाज है, जिसका निर्माण वर्ष 2000 में हुआ था। यह सेंट किट्स और नेविस के झंडे के तहत संचालित होता है और इसका प्रबंधन दुबई स्थित Exceed Oceanic Trading LLC के पास है।
होर्मुज में बढ़ी सख्ती और ‘टोल’ की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ व्यावसायिक जहाजों पर भारी ट्रांजिट शुल्क लगाना शुरू किया है। बताया जा रहा है कि यह शुल्क प्रति यात्रा लगभग 20 लाख डॉलर तक हो सकता है। हालांकि, इन भुगतानों को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्ती से वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है।