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गुलरिहा पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार

Published on: December 10, 2025
Gulriha police online gaming

द देवरिया न्यूज़,गोरखपुर : गुलरिहा पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करोड़ों रुपये की सट्टेबाजी और जालसाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना राकेश प्रजापति और उसके सहयोगी जान आलम को मदेरहवा से गिरफ्तार किया। दोनों पीलीभीत के साइबर अपराधियों से जुड़े हुए थे। गिरोह के कॉल सेंटर से 6 लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, 4 चार्जर और माउस बरामद हुए हैं।

पुलिस ने राकेश प्रजापति, जान आलम, बैंककर्मी कमलेश और सुजीत दुबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, कमलेश, सुजीत और अन्य भागे आरोपियों की तलाश जारी है।

कैसे चला गिरोह:

गुलरिहा के नारायणपुर निवासी राकेश प्रजापति (35) एमबीए करने के बाद प्राइवेट नौकरी करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात विक्की पंडित से हुई, जिसने उसे साइबर जालसाजी की तकनीक सिखाई। बाद में राकेश ने खुद का गिरोह बनाया और भटहट चिलबिलवां निवासी जान आलम, गाजीपुर के कमलेश और सुजीत दुबे को शामिल किया।

गिरोह ने शाहपुर के खजांची स्थित इंड्रा अस्पताल के बेसमेंट में कौशल्या इन्वेस्टमेंट नाम से कॉल सेंटर खोलकर फेयर प्ले ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए लोगों से बड़ी रकम ठगना शुरू कर दी।

रूपयों के लेन-देन के लिए राकेश ने बैंककर्मी कमलेश की मदद से आईडीएफसी बैंक में अनपढ़ और गरीब लोगों के नाम पर म्यूल खाते खुलवाए। जांच में पता चला कि हर खाते में रोजाना 10 से 15 लाख रुपये आते थे। अब तक 6 म्यूल खाते सामने आए हैं।

मामला कैसे उजागर हुआ:

विजय चौहान नामक शिकार ने बताया कि राकेश ने आधार लेकर उसका बैंक खाता खुलवाया और उसे कुछ मासिक रकम देने का वादा किया। कुछ ही समय में उसके मोबाइल पर बड़ी राशि जमा होने के संदेश आने लगे। शक होने पर जब विजय बैंक गया, तो आरोप है कि कर्मचारी कमलेश ने राकेश को बुलाकर उसे डराया। विजय की तहरीर ने ही पुलिस को कॉल सेंटर की पूरी जालसाजी का पता लगाने का रास्ता दिखाया। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है और भागे आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।


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