डॉ. इकबाल ने जांच में आंखों से जुड़ी समस्या पाई और दवाइयां दीं। साथ ही उन्हें चश्मा लगाने की सलाह दी गई। चिकित्सकों के अनुसार, अमिताभ ठाकुर का ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर सामान्य पाया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि चश्मा न होने और ठंड के कारण आंखों में सूजन आई है।
सूत्रों के मुताबिक, दूसरे दिन भी पूर्व आईजी आम बंदियों की तरह ही रहे, हालांकि वे बेचैन नजर आए। बताया गया कि उनका चश्मा टूट जाने के कारण उन्हें देखने और पढ़ने में काफी परेशानी हो रही थी। बृहस्पतिवार की रात वे कभी कमरे में टहलते दिखे तो कभी सोने का प्रयास करते रहे। भोजन और दवा लेने के बाद भी वे काफी देर तक बेचैनी की हालत में रहे।
तीन दिन पहले मेडिकल परीक्षण के बाद अमिताभ ठाकुर को देवरिया जिला कारागार भेजा गया था। उनकी सेहत को देखते हुए जेल अस्पताल के एक कमरे में रखने का निर्णय लिया गया। कमरे में पहुंचने के बाद ही उन्होंने चश्मा न होने के कारण आंखों से जुड़ी परेशानी की बात बताई थी।
धोखाधड़ी के मामले में 13 दिन की न्यायिक हिरासत
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को बुधवार तड़के लखनऊ पुलिस ने सीतापुर-महोली बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। उन्हें दोपहर बाद देवरिया कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 13 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले के अनुसार, अमिताभ ठाकुर वर्ष 1998 में देवरिया में एसपी के पद पर तैनात थे। आरोप है कि वर्ष 1999 में उन्होंने अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लॉट अलॉट कराया। दस्तावेजों में नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी और अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात ठाकुर का नाम दर्ज किया गया। बाद में वर्ष 2003 में यह प्लॉट शराब कारोबारी संजय सिंह को बेच दिया गया।
इस संबंध में संजय शर्मा ने 7 नवंबर 2025 को देवरिया कोतवाली में तहरीर देकर अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर पर धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश रचने का आरोप लगाया था।
कोर्ट में पेश किया पक्ष, 23 दिसंबर को सुनवाई
अमिताभ ठाकुर ने सीजेएम मंजू कुमारी की अदालत में आठ पन्नों का अपना पक्ष रखा, जिसमें उन्होंने खुद को जानबूझकर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया। इस दौरान वे भावुक भी हो गए। मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को निर्धारित है। इस केस में उनकी पत्नी नूतन ठाकुर भी आरोपी हैं।