द देवरिया न्यूज़,पटना। बिहार सरकार ने राज्य के पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पुलिसकर्मियों के जीवन से जुड़ी प्रमुख समस्याओं—बच्चों की शिक्षा और बेहतर इलाज—का समाधान तलाशते हुए सरकार ने कई अहम फैसलों की घोषणा की है। इन फैसलों का उद्देश्य दिन-रात जनता की सेवा में लगे पुलिसकर्मियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और उनके परिवारों को सुरक्षित भविष्य देना है।
बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि राज्य की सभी पुलिस लाइनों में आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। इन विद्यालयों में पुलिसकर्मियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ड्रेस, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गृह मंत्री ने यह घोषणा पटना में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा आयोजित ‘बैंक ऑफ बड़ौदा बिहार पुलिस सैलरी पैकेज’ कार्यक्रम और दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को बीमा लाभ वितरण समारोह के दौरान की।
दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक संबल
कार्यक्रम में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार पुलिस के 36 दिवंगत पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के आश्रितों को पुलिस सैलरी पैकेज के तहत कुल 25 करोड़ 65 लाख रुपये की बीमा एवं अनुदान राशि के चेक प्रदान किए गए। उन्होंने जानकारी दी कि बैंक ऑफ बड़ौदा के पुलिस सैलरी पैकेज के लागू होने के बाद अब तक 90 दिवंगत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के आश्रितों को कुल 42 करोड़ 45 लाख रुपये की बीमा और अनुदान राशि दी जा चुकी है।
आंकड़ों के अनुसार, दुर्घटना मृत्यु बीमा के अंतर्गत 16 दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 27 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि दी गई, जबकि प्राकृतिक मृत्यु बीमा के तहत 74 पुलिसकर्मियों के परिजनों को 14 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इससे पहले भी 54 दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को 16 करोड़ 80 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
बीमारी और दुर्घटनाओं पर सरकार की गंभीर चिंता
गृह मंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों की दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों से होने वाली मौतों को लेकर सरकार बेहद संवेदनशील और गंभीर है। उन्होंने बताया कि जिन 36 पुलिसकर्मियों के परिवारों को आज बीमा राशि दी गई है, उनमें से 12 की मृत्यु दुर्घटना में और 24 की मृत्यु गंभीर बीमारियों के कारण हुई। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इनमें से अधिकांश पुलिसकर्मियों की उम्र 30 से 34 वर्ष के बीच थी।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दुर्घटनाओं और बीमारियों से पुलिसकर्मियों की मृत्यु को यथासंभव कम किया जा सके। इसके लिए अनुकंपा के आधार पर नौकरी, अन्य सामाजिक सुविधाएं और निरंतर सहयोग दिया जा रहा है।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
गृह मंत्री ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर मेडिकल सुविधाएं, कैशलेस इलाज और कैंसर व हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उनका कहना था कि यह कार्यक्रम भावनात्मक है, क्योंकि कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, और सरकार उनके साथ हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
इन फैसलों से स्पष्ट है कि बिहार सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को लेकर दीर्घकालिक और ठोस कदम उठा रही है।
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