गंभीर ने कहा था—उपलब्धियां याद रखनी चाहिए
दक्षिण अफ्रीका से 0-2 की टेस्ट सीरीज हार के बाद गंभीर ने कहा था कि उनके पद पर निर्णय बीसीसीआई करेगा, लेकिन बोर्ड को व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में उनकी उपलब्धियां नहीं भूलनी चाहिए। उनकी कोचिंग में भारत ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2025 एशिया कप टी20 खिताब जीते। अश्विन का ताजा बयान इसी टिप्पणी की प्रतिक्रिया भी माना जा रहा है, हालांकि उन्होंने गंभीर का नाम नहीं लिया। इससे पहले मनोज तिवारी भी कह चुके हैं कि सफेद गेंद की टीम कोहली, रोहित और द्रविड़ ने बनाई थी।
‘इरादा केवल बोला नहीं गया, मैदान पर जिया गया’
अश्विन के अनुसार भारत की मौजूदा आक्रामक बल्लेबाजी का मूल रोहित और द्रविड़ की सोच में है। उन्होंने कहा, “टी20 और वनडे में भारत की जिस तेज स्कोरिंग पहचान बनी, उसका बड़ा श्रेय रोहित और राहुल भाई को जाता है। उन्होंने केवल बताया नहीं, बल्कि टीम को उसी तरह खिलाया।” उनके अनुसार सफेद गेंद क्रिकेट अब सिर्फ औसत बल्लेबाजी का खेल नहीं, बल्कि स्ट्राइक रेट का खेल बन चुका है और भारत ने इसे दिल से अपनाया है।
विश्व कप 2024: बदले हुए टेम्पलेट का प्रमाण
रोहित शर्मा की बल्लेबाजी ने इस बदले डीएनए को पूरी तरह साबित किया। 2024 टी20 विश्व कप में उनका स्ट्राइक रेट 156 के ऊपर था। सेंट लूसिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 41 गेंदों में 92 और इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में कठिन विकेट पर 57 रन—ये सिर्फ पारियां नहीं, बल्कि नई मानसिकता की घोषणा थीं: पहले ओवर से दबाव बनाओ और मैच की कहानी खुद लिखो।
नई पीढ़ी में दिखा वही असर
भारत की इस नई सफेद गेंद पहचान की झलक 2025 में अभिषेक शर्मा के खेल में दिखी। एशिया कप टी20 2025 में उनके आंकड़े चौंकाने वाले थे—44.85 की औसत और लगभग 200 का स्ट्राइक रेट, कुल 314 रन। अभिषेक ने गेंदबाजों के नाम पर नहीं, केवल मारने की जगह पर ध्यान दिया। उनकी शुरुआत रोहित के 2024 टेम्पलेट की याद दिलाती है—पहली 12 गेंदों में अटैक, रन रेट पर नियंत्रण और फील्ड को डिफेंसिव मोड में धकेलना। अश्विन के अनुसार यही असली जीत है, जब सोच खिलाड़ी से आगे बढ़ने लगती है।
‘जितना समय है, उतना आनंद लो’—अश्विन भावुक
अश्विन ने भावुक होते हुए कहा, “हम कितने समय तक विराट कोहली और रोहित शर्मा को खेलते देख पाएंगे, पता नहीं। जब तक हैं, उन्हें सेलिब्रेट करें।” उन्होंने कहा कि समय बहुत तेजी से निकल जाता है और बाद में केवल यही सुनाई देता है—उन्हें वापस बुलाओ। इसलिए जब तक वे खेल रहे हैं, उनका आनंद लें। “जिंदगी बहुत तेजी से चलती है, समय किसी का इंतजार नहीं करता। इसलिए जो कर रहे हैं, उसे आनंद के साथ करें।”