पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदान का अधिकार दिलाना है, लेकिन इसके उलट प्रदेश में लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। उनका कहना था कि लोग जरूरी कागजात ढूंढने में परेशान हैं, जबकि आधार, फिंगरप्रिंट और रेटिना से जुड़ी जानकारी पहले से सरकार के पास मौजूद है। अगर आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाता, तो न फॉर्म भरने की जरूरत पड़ती और न ही बीएलओ को घर-घर जाकर जोखिम उठाना पड़ता।
उन्होंने प्रदेश सरकार पर अपने चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया और दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता समाजवादी पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश देगी। अखिलेश यादव ने कहा कि सहारनपुर की जनता ने लोकसभा चुनाव में गठबंधन का समर्थन किया था और आगे भी समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगियों को मजबूत समर्थन मिलेगा।
सरकार पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जानबूझकर जनता को परेशान किया जा रहा है, जैसा कि नोटबंदी और कोविड काल के दौरान हुआ था। उन्होंने महाकुंभ के दौरान हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने सही आंकड़े सामने नहीं रखे। अखिलेश ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार अपने चरम पर हैं और रुपये की लगातार गिरती कीमत देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था का संकेत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसान, नौजवान, मजदूर समेत हर वर्ग परेशान है और सरकार भावनात्मक मुद्दों के सहारे सत्ता चला रही है। उनका कहना था कि सरकार संविधान की भावना के बजाय राजनीतिक उद्देश्यों से काम कर रही है, जबकि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को संविधान के रास्ते पर चलने का स्पष्ट मार्ग दिखाया था।