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ईसीएल ढांचे पर बोले एसबीआई चेयरमैन शेट्टी — बैंक तकनीकी रूप से तैयार, कुछ बदलाव की अभी जरूरत

Published on: October 9, 2025
Speak on ECL framework

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने कहा है कि बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा प्रस्तावित एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) ढांचे के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस नई प्रणाली में कुछ सुधार और समायोजन की आवश्यकता पड़ सकती है।

मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) के अवसर पर शेट्टी ने कहा, “हमें लगता है कि लंबा संक्रमण काल दिए जाने के कारण बैंकों की बैलेंस शीट पर इसका सीमित असर होगा।” उन्होंने बताया कि मौजूदा प्रावधान व्यवस्था को हटाकर नया ECL मॉडल वित्त वर्ष 2026-27 से लागू किया जाएगा और बैंकों को इसे पूर्ण रूप से अपनाने के लिए पांच वर्ष का समय दिया गया है।

क्या है ECL फ्रेमवर्क?

एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) मॉडल एक आधुनिक प्रावधान प्रणाली है, जिसके तहत बैंक अपने कर्जों और अग्रिमों पर संभावित भविष्य के नुकसान का अनुमान लगाकर पहले से प्रावधान करते हैं। यह तरीका IFRS 9 (इंटरनेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड 9) के अनुरूप है और पुराने मॉडल की तुलना में अधिक सटीक व पारदर्शी माना जाता है।

अधिग्रहण वित्तपोषण में अग्रणी बनेगा एसबीआई

शेट्टी ने कहा कि एसबीआई विदेशी संस्थाओं के अधिग्रहण करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए आउटबाउंड विलय और अधिग्रहण (M&A) वित्तपोषण कर रहा है। उन्होंने कहा, “एसबीआई जैसे बैंक अधिग्रहण के वित्तपोषण में दक्ष हैं।” हाल ही में उनके अनुरोध पर रिजर्व बैंक ने बैंकों को ऐसे अधिग्रहणों के वित्तपोषण की अनुमति दी थी।

यूपीआई से जुड़ा डिजिटल विस्तार

एसबीआई अब यूपीआई (UPI) प्लेटफॉर्म के जरिए ऋण वसूली और व्यापारिक वित्तपोषण की नई संभावनाओं पर काम कर रहा है। शेट्टी ने बताया कि बैंक यूपीआई का उपयोग करने वाले व्यापारियों के लिए वित्तपोषण समाधान विकसित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बैंक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को रुपे यूपीआई क्रेडिट से जोड़कर कृषि ऋण वितरण की दिशा में भी प्रयासरत है। फिलहाल रुपे यूपीआई क्रेडिट कार्ड्स के कुल बकाया का 34% हिस्सा एसबीआई कार्ड्स की ओर से जारी है, जबकि कुल खर्च का 16% हिस्सा इन्हीं कार्ड्स के माध्यम से होता है।

जनधन योजना और महिला सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत एसबीआई ने 15 करोड़ ग्राहकों को जोड़ा है। इनमें से 99% खातों में कुछ न कुछ राशि जमा है और औसत बैलेंस 4,000 रुपये है। प्रतिदिन इन खातों से 35 लाख लेन-देन होते हैं, जिनमें 56% महिलाएं सक्रिय रूप से शामिल हैं।

शेट्टी ने कहा कि बिजनेस कॉरेसपोंडेंट (BC) नेटवर्क का उपयोग इन खातों के माध्यम से ऋण वितरण को और बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।

योनो ऐप का नया संस्करण तैयार

एसबीआई के लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘योनो’ (YONO) का अगला संस्करण जल्द आने वाला है। शेट्टी ने बताया कि नया ऐप पहले दिन से ही 20 करोड़ ग्राहकों को जोड़ने की क्षमता रखेगा। इसके निर्माण के लिए बैंक 12 फिनटेक कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि योनो ने ग्राहक जुड़ाव की प्रक्रिया को एक घंटे से घटाकर केवल 15 मिनट कर दिया है। एसबीआई अब सरकार और नियामक संस्थाओं के साथ मिलकर केवाईसी (KYC) अनुपालन को और सरल बनाने पर भी काम कर रहा है। शेट्टी के अनुसार, आने वाले वर्षों में ईसीएल मॉडल, यूपीआई-आधारित क्रेडिट, डिजिटल बैंकिंग और आत्मनिर्भर वित्तीय ढांचे से भारतीय बैंकिंग प्रणाली और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सशक्त बनेगी।


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