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SIR प्रक्रिया पर राजनीतिक विवाद तेज, नकवी बोले—सूची शुद्धिकरण को राजनीति से जोड़ना गलत

Published on: November 22, 2025
Political controversy over SIR process

द देवरिया न्यूज़ /नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर सवाल उठाना या इसे राजनीतिक हथियार बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। नकवी ने विपक्ष को बिना तथ्यों के दावे करने वाला बताते हुए कहा कि “SIR पर आपराधिक प्रतिक्रिया देशहित में नहीं है।”

आईएएनएस से बातचीत में नकवी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बिना पूरी जानकारी के प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर को “आउट ऑफ कोर्स” बताने की आदत से ग्रसित हैं और इसी सोच के कारण राजनीतिक तौर पर लगातार असफल हो रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि राजनीति में “बैचलर ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस” तो सुना है लेकिन कुछ विपक्षी नेता “बैचलर ऑफ डिफीट” बनने पर आमादा हैं।

नकवी ने दावा किया कि राहुल गांधी और उनके नेताओं के लिए यह स्थिति आगे भी बनी रह सकती है। उनके अनुसार, राजनीति में केवल आरोपों से परिणाम नहीं मिलते, बल्कि संगठन और तथ्य-आधारित काम की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार मतदाताओं में भ्रम और भय पैदा करने की कोशिश कर रहा है, जिसका परिणाम चुनावी पराजय के रूप में सामने आता है। “बिहार में विपक्ष का ‘वोट चोरी’ का नैरेटिव पूरी तरह असफल साबित हुआ है।”

SIR प्रक्रिया पर क्या कहा?

नकवी के अनुसार, SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं, बल्कि मतदाता सूची के नियमित शुद्धिकरण और सत्यापन का हिस्सा है। यह प्रक्रिया वैध और अवैध नामों की पहचान, सुधार और अपडेट करने के लिए समय-समय पर लागू की जाती है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची को सही रखने के लिए ऐसे अभियान आवश्यक हैं और इसे राजनीतिक साजिश या पक्षपात के रूप में देखना गलत है।

कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी

कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों पर प्रतिक्रिया देते हुए नकवी ने कहा कि कांग्रेस की रणनीति बार-बार विफल हो रही है। उन्होंने इसे “पैराशूट पॉलिटिक्स” कहा और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व यह समझने में विफल है कि पार्टी के जनाधार में लगातार गिरावट का कारण क्या है।

नकवी ने कहा कि कभी राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी रही कांग्रेस आज सीमित क्षेत्रों तक सिमट गई है। उन्होंने व्यंग्यात्मक तौर पर कहा कि कांग्रेस “घर से घरौंदा और फिर घोंचू का घोंसला” बनती चली गई है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का निर्णय-निर्माण ही संगठन की बची-खुची राजनीतिक जमीन को भी कमजोर कर रहा है।


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