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अवैध कफ सिरप कारोबार का भंडाफोड़: करोड़ों की फर्जी खरीद-बिक्री में दो गिरफ्तार

Published on: December 9, 2025
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द देवरिया न्यूज़,वाराणसी : कफ सिरप की अवैध बिक्री में कोतवाली पुलिस ने हरी ओम फार्मा के विशाल कुमार जायसवाल और काल भैरव ट्रेडर्स के बादल आर्य को गिरफ्तार किया है। डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल के अनुसार शुभम, देवेश और अमित जायसवाल साझेदार हैं, जिन्होंने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र सहित दस्तावेजों के आधार पर ड्रग लाइसेंस हासिल किया था। उसी लाइसेंस का उपयोग करते हुए वे कोडीनयुक्त कफ सिरप का अवैध व्यापार करते थे। विभिन्न मेडिकल फर्मों के माध्यम से खरीद-फरोख्त कर भारी आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।

हरी ओम फार्मा से विशाल कुमार जायसवाल ने शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) से 4,18,000 शीशी कफ सिरप खरीदी, जिसे पांच करोड़ से अधिक में बेचा गया। जांच जारी है। इसी तरह बादल आर्य की फर्म काल भैरव ट्रेडर्स ने भी शैली ट्रेडर्स रांची से 1,23,000 शीशी कफ सिरप खरीदी और लगभग दो करोड़ रुपये से ज्यादा में बिक्री की। आरोपियों द्वारा अपनी फर्मों के नाम से फर्जी ई-वे बिल तैयार किए गए, जिसकी पुष्टि वाहनों के मालिकों के बयान से हुई है।

पूछताछ के बाद होगी आगे की कार्रवाई

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि डीएसए फार्मा खोजवा (भेलुपर) के जरिए उनकी मुलाकात श्रीहरी फार्मा एंड सर्जिकल एजेंसी सोनिया, वाराणसी के प्रोपराइटर अमित जायसवाल तथा शैली ट्रेडर्स के कंपिटेंट पर्सन शुभम जायसवाल से हुई। इसी दौरान आरोपियों को कम समय में ज्यादा कमाई का लालच देकर कफ सिरप के व्यापार के लिए तैयार किया गया। उनके बताए बिजनेस प्लान पर सहमति के बाद एक-एक दुकान चिन्हित कराई गई और फर्जी दस्तावेजों से ड्रग लाइसेंस बनवाया गया।

ई-वे बिल से चलता था पूरा खेल

आरोपियों ने बताया कि शुभम जायसवाल की ओर से देवेश जायसवाल के माध्यम से प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये तक कमीशन दिया जाता था। उनकी फर्मों के खातों में आने वाला पैसा तुरंत शैली ट्रेडर्स के खाते में भेज दिया जाता था। अकाउंट संबंधी जानकारी देवेश के पास रहती थी और पैसे भेजने के दौरान वह ओटीपी भी मांगता था। एक वर्ष में करीब सात करोड़ रुपये का अवैध व्यापार किया गया। फर्में सिर्फ नाम मात्र की थीं, जबकि शैली ट्रेडर्स से आया माल उनके यहां पहुंचता ही नहीं था बल्कि दूसरी जगह भेज दिया जाता था। उसी के ई-वे बिल और टैक्स इनवॉइस उनकी फर्मों के जरिए तैयार किए जाते थे।


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