द देवरिया न्यूज़ : भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली एक बार फिर इतिहास रचने के मुहाने पर खड़े हैं। रविवार को जब वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में मैदान पर उतरेंगे, तो यह सिर्फ उनकी सात महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी नहीं होगी, बल्कि 148 साल पुराने क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिखने का अवसर भी होगा।
36 वर्षीय पूर्व कप्तान विराट कोहली अब एक ऐसे रिकॉर्ड के बेहद करीब हैं, जिसे आज तक कोई खिलाड़ी नहीं तोड़ पाया। यह रिकॉर्ड है — किसी एक प्रारूप में सबसे ज्यादा शतक लगाने का। वर्तमान में कोहली 51 वनडे शतक जड़ चुके हैं और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर हैं, जिनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक हैं। यदि कोहली रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक और शतक ठोक देते हैं, तो वे दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन जाएंगे जिन्होंने किसी एक फॉर्मेट में 52 शतक लगाए हों।
सचिन की बराबरी पर खड़े कोहली
सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली, दोनों ही क्रिकेट इतिहास के ऐसे दो बल्लेबाज हैं जिन्होंने किसी एक प्रारूप में 50 से अधिक शतक बनाए हैं। अब कोहली इस मुकाम को पार करने से बस एक कदम दूर हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि विराट के पास यह सुनहरा अवसर है कि वे अपने पसंदीदा विपक्षी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह ऐतिहासिक शतक लगाकर नया रिकॉर्ड कायम करें।
ऑस्ट्रेलिया में कोहली का दमदार प्रदर्शन
ऑस्ट्रेलियाई धरती पर कोहली का प्रदर्शन हमेशा शानदार रहा है। अब तक उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 29 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 1,327 रन बनाए हैं। उनका औसत 51.03 और स्ट्राइक रेट करीब 89 रहा है। इस दौरान उन्होंने पांच शतक और छह अर्धशतक जड़े हैं।
कोहली की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल की पारियां भी उनके शानदार फॉर्म को दर्शाती हैं — उन्होंने अपनी पिछली पांच पारियों में 54, 56, 85, 54 और 84 रन बनाए हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में उनकी पिछली पांच पारियां क्रमशः 104, 46, 21, 89 और 63 रन की रही हैं।
दिलचस्प बात यह है कि कोहली के नाम ऑस्ट्रेलिया में किसी भी विदेशी खिलाड़ी द्वारा सभी फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक (17) लगाने का रिकॉर्ड भी है। अब वह एक और भारतीय दिग्गज रोहित शर्मा के रिकॉर्ड के करीब हैं। रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में चार वनडे शतक लगाए हैं, जबकि कोहली के नाम फिलहाल तीन हैं। यानी रविवार का मैच उनके लिए दोहरे रिकॉर्ड का मौका होगा।
तेंदुलकर बनाम कोहली — महानता की दौड़
सचिन तेंदुलकर ने अपने शानदार करियर में 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए — जिनमें 51 टेस्ट और 49 वनडे शतक शामिल हैं। विराट कोहली अब तक 82 अंतरराष्ट्रीय शतक लगा चुके हैं (51 वनडे, 30 टेस्ट, 1 टी20)। यानी अगर उनका फॉर्म इसी तरह बरकरार रहा, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले वर्षों में वे सचिन के 100 शतकों के रिकॉर्ड की ओर भी मजबूती से बढ़ रहे हैं। कोहली की फिटनेस, मानसिक मजबूती और निरंतरता उन्हें आज भी विश्व क्रिकेट में सबसे अलग बनाती है। यही कारण है कि वह 36 वर्ष की उम्र में भी टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं।
फैंस को कोहली से बड़ी उम्मीदें
लंबे समय के बाद मैदान पर लौट रहे कोहली से भारतीय फैंस को बड़ी उम्मीदें हैं। टीम इंडिया ने हाल ही में घरेलू सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है और अब जब ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भिड़ंत है, तो सभी की निगाहें एक बार फिर ‘किंग कोहली’ पर टिकी हैं।
अगर कोहली यह शतक लगा लेते हैं, तो यह न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि होगी बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय भी जोड़ देगी। यह शतक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं होगा, बल्कि उस समर्पण, मेहनत और जुनून का प्रतीक होगा जिसने कोहली को इस युग का महानतम बल्लेबाज बनाया है।
रविवार को पूरी क्रिकेट दुनिया की निगाहें जब भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और कोहली की बल्लेबाजी पर होंगी, तब हर भारतीय फैन दिल से यही दुआ करेगा — “आज विराट का बल्ला बोले, और इतिहास फिर से भारत के नाम हो जाए।”
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