द देवरिया न्यूज़ : बिहार में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को बड़ा आदेश जारी किया है। न्यायालय ने आयोग से कहा है कि 2025 की मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख लोगों के नाम और उन्हें हटाने का कारण सार्वजनिक किया जाए।
ऑनलाइन और जिला स्तर पर सूची सार्वजनिक करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति सूर्यकान्त और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची शामिल हैं, ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह सूची प्रत्येक जिले के निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट और भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।इसके अतिरिक्त, हर मतदाता बूथ के स्तर पर भी सूची प्रदर्शित की जाए, जिसमें हटाए गए मतदाताओं के EPIC नंबर और नाम हटाने का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज हो।
सार्वजनिक प्रचार के लिए व्यापक निर्देश
कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह इस जानकारी का प्रचार प्रमुख स्थानीय और अंग्रेजी अखबारों में सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से करे। साथ ही, दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे सार्वजनिक प्रसारण माध्यमों पर भी इसकी घोषणा होनी चाहिए। यदि किसी जिला निर्वाचन अधिकारी के सोशल मीडिया हैंडल हैं, तो वहां भी यह सूची साझा की जाए, ताकि जानकारी ज्यादा से ज्यादा नागरिकों तक पहुंच सके।
पंचायत भवनों और सरकारी कार्यालयों में भी लगेगी सूची
न्यायालय ने कहा कि हर बूथ स्तर अधिकारी (BLO) को यह सूची संबंधित पंचायत भवनों या खंड विकास कार्यालयों में नोटिस बोर्ड पर चस्पा करनी होगी। इससे आम नागरिकों को जानकारी प्राप्त करने में सहूलियत होगी और वे अपने नाम हटाए जाने पर उचित आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
ECI ने दी जानकारी, सूची जल्द होगी ऑनलाइन
चुनाव आयोग के अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कोर्ट को बताया कि यह सूची पहले ही बूथ स्तर के राजनीतिक कार्यकर्ताओं को प्रदान की जा चुकी है, और अब इसे सार्वजनिक पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा। नागरिक अपने इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड (EPIC) नंबर के जरिए अपना नाम जांच सकेंगे।
22 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी। उस समय आयोग की रिपोर्ट के आधार पर याचिकाकर्ता के अन्य सुझावों पर भी विचार किया जाएगा। यह फैसला चुनावी पारदर्शिता, मतदाता अधिकार और प्रक्रिया में जवाबदेही को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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