द देवरिया न्यूज़,वॉशिंगटन : अमेरिका में काम कर रहे और वहां जाने की तैयारी कर रहे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए H-1B वीजा का रास्ता अब पहले जैसा भरोसेमंद नहीं दिख रहा है। ट्रंप प्रशासन के दौरान वीजा नियमों में सख्ती और फीस में भारी बढ़ोतरी के बाद हालात और जटिल हो गए हैं। स्थिति यह है कि भारतीय आवेदकों के वीजा इंटरव्यू ही नहीं हो पा रहे हैं और भारत स्थित अमेरिकी दूतावासों ने वीजा-स्टैंपिंग इंटरव्यू की तारीखें अगले कई वर्षों तक बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर भारतीयों के करियर, पारिवारिक योजनाओं और निजी जिंदगी पर पड़ रहा है।
बड़े शहरों में इंटरव्यू स्लॉट गायब
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में अमेरिकी दूतावासों और काउंसलर कार्यालयों में नियमित वीजा इंटरव्यू स्लॉट उपलब्ध नहीं हैं। इससे आवेदक असमंजस में हैं कि वे अमेरिका कब लौट पाएंगे या वहां अपनी नौकरी जॉइन कर पाएंगे।
इस समस्या की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी, जब H-1B वीजा इंटरव्यू की तारीखें मार्च 2026 तक के लिए रीशेड्यूल कर दी गई थीं। उस समय इसे अस्थायी व्यवस्था बताया गया था, लेकिन अब हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
इंटरव्यू की तारीखें 2027 तक खिसकीं
जानकारी के मुताबिक, पहले इंटरव्यू अपॉइंटमेंट्स को मार्च 2026, फिर अक्टूबर 2026 तक बढ़ाया गया। अब हाल ही में इन्हें 2027 तक टाल दिया गया है। जनवरी और फरवरी 2026 में इंटरव्यू की तारीख वाले कई आवेदकों को आधिकारिक ईमेल मिले हैं, जिनमें बताया गया है कि उनके अपॉइंटमेंट अप्रैल–मई 2027 तक शिफ्ट कर दिए गए हैं। इससे अमेरिका जाने को लेकर भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है।
ट्रंप प्रशासन के नियम बने बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट की जड़ H-1B वीजा सिस्टम में किए गए बदलाव हैं। 29 दिसंबर 2025 को अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए नए नियम जारी किए थे। हालांकि वार्षिक वीजा कैप 85,000 पर ही रखा गया है, लेकिन प्रक्रिया को ज्यादा सख्त और जटिल बना दिया गया है। प्रशासनिक और अनुपालन से जुड़े बदलावों ने पूरे सिस्टम को बेहद धीमा कर दिया है।
क्या भारतीयों के लिए बंद हो रहा है रास्ता?
वीजा इंटरव्यू लगातार टलने से यह बहस तेज हो गई है कि क्या भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए H-1B वीजा का रास्ता लगभग बंद किया जा रहा है। कई आवेदकों और विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को अब काम या उच्च शिक्षा के लिए उतना भरोसेमंद गंतव्य नहीं माना जाना चाहिए। खासतौर पर भारतीयों को वैकल्पिक देशों और अवसरों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, H-1B वीजा से जुड़ी यह अनिश्चितता न सिर्फ भारतीय प्रोफेशनल्स के करियर बल्कि उनके भविष्य की योजनाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
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