द देवरिया न्यूज़,लखनऊ : कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को ईडी की टीम ने लखनऊ जिला जेल में बंद बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और उसके सहयोगी अमित टाटा से पूछताछ की। हालांकि अमित टाटा से पूछताछ शनिवार को होनी थी, लेकिन जांच के दौरान उसे भी बुला लिया गया।
करीब तीन घंटे तक चली पूछताछ में आलोक सिंह यही दोहराता रहा कि उसकी केवल दो फर्म हैं और उनसे कोई अवैध काम नहीं हुआ है। उसने ईडी अधिकारियों से कहा कि वह कागजात देखने के बाद ही अपनी संपत्तियों के बारे में कुछ स्पष्ट जानकारी दे पाएगा।
ईडी सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आलोक सिंह ने कई अहम सवालों के सीधे जवाब नहीं दिए। अधिकारियों ने उससे उसके मकान, फर्मों, टर्नओवर और दवा कारोबार से जुड़े विस्तृत सवाल किए। यह भी पूछा गया कि उसकी फर्म से किन-किन कंपनियों की दवाओं की बिक्री की जाती थी। इसके अलावा फर्म के बैंक खातों से जिन लोगों को पैसा भेजा गया, उनके साथ उसके रिश्तों को लेकर भी सवाल किए गए, लेकिन इन पर या तो उसने गोल-मोल जवाब दिए या फिर चुप्पी साध ली।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में सामने आई जानकारियों की अब गहन जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ईडी की टीम एक बार फिर आलोक सिंह से जेल में पूछताछ कर सकती है।
वहीं, अमित टाटा ने भी ईडी के सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने दावा किया कि फर्म उसके नाम पर थी, लेकिन पूरा कारोबार शुभम जायसवाल संभालता था। अमित के मुताबिक, शुभम के कहने पर ही उसने फर्म का लाइसेंस लिया था और लाइसेंस की मंजूरी भी शुभम के जरिए ही मिली। उसने यह भी कहा कि वह शुभम के निर्देश पर ही फर्म में पैसा लगाता था।
ईडी अब इन बयानों और दस्तावेजों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
इसे भी पढ़ें : KGMU में अपर्णा यादव–प्रशासन आमने-सामने: लव जिहाद जांच को लेकर हंगामा, FIR की तैयारी
➤ You May Also Like


































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































