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संविधान संशोधन पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला, अमित मालवीय बोले—नेहरू-गांधी काल में हुए सबसे ज्यादा बदलाव

Published on: January 28, 2026
BJP on constitutional amendment

द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : संविधान संशोधन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने जवाहरलाल नेहरू के दौर में हुए संविधान संशोधनों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर खुद को “संविधान का रक्षक” बताने का ढोंग करने का आरोप लगाया है। मालवीय ने कहा कि देश में सबसे अधिक संविधान संशोधन नेहरू-गांधी काल के दौरान किए गए।

मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अमित मालवीय ने संविधान संशोधनों से जुड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान में अधिकतर संशोधन नेहरू-गांधी परिवार के शासनकाल में हुए हैं। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की ओर इशारा करते हुए लिखा कि विडंबना यह है कि नेहरू-गांधी के वंशज आज दूसरों पर संविधान का शत्रु होने का आरोप लगाते हैं।

अब तक 106 बार हो चुका है संविधान संशोधन

अमित मालवीय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, संविधान लागू होने के बाद बीते 75 वर्षों से अधिक समय में इसमें कुल 106 संशोधन किए जा चुके हैं। भारत गणराज्य को मजबूत करने के उद्देश्य से अब तक 12 प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में संविधान में बदलाव हुए हैं।

नेहरू काल में 16 संशोधन

डेटा के मुताबिक, पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में संविधान में 16 संशोधन किए गए। इनमें जमींदारी प्रथा को समाप्त करने से जुड़ा संशोधन सबसे अहम माना जाता है। इसके बाद 1964 से 1966 के बीच लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में केवल एक संशोधन किया गया, जो मुख्य रूप से कृषि संकट के समाधान पर केंद्रित था।

17वां संविधान संशोधन उस समय की समाजवादी आवश्यकताओं के अनुरूप था। इसके तहत भूमि अधिग्रहण को आसान बनाने के लिए ‘जागीर’ की परिभाषा का विस्तार किया गया और कई भूमि सुधार अधिनियमों को नौवीं अनुसूची में शामिल किया गया, ताकि किसानों के हितों की रक्षा की जा सके और उन्हें न्यायिक समीक्षा से बाहर रखा जा सके।

इंदिरा गांधी के दौर में सबसे ज्यादा बदलाव

अमित मालवीय के मुताबिक, संविधान में सबसे अधिक संशोधन इंदिरा गांधी के कार्यकाल में किए गए। उनके पहले कार्यकाल में 25 और दूसरे कार्यकाल में 6 संशोधन हुए। इस तरह इंदिरा गांधी के शासनकाल में कुल 31 बार संविधान संशोधन किया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

इसके अलावा मोरारजी देसाई के कार्यकाल में 2 बार संविधान संशोधन हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में 14 संशोधन किए गए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 से अब तक के कार्यकाल में कुल 8 संविधान संशोधन किए जा चुके हैं। बीजेपी का कहना है कि ये आंकड़े कांग्रेस के उस दावे पर सवाल खड़े करते हैं, जिसमें वह खुद को संविधान का सबसे बड़ा रक्षक बताती रही है।


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