द देवरिया न्यूज़ : जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) से जुड़ा हुआ था। यह नेटवर्क अत्यंत संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें शिक्षित, पेशेवर और तकनीकी पृष्ठभूमि वाले युवा शामिल पाए गए हैं। यह कार्रवाई श्रीनगर के नौगाम क्षेत्र में 19 अक्टूबर 2025 को जैश के धमकीभरे पोस्टर लगाए जाने के बाद शुरू हुई। इस मामले में FIR नम्बर 162/2025 दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई, जिससे आतंकी तंत्र की गहराई और व्यापकता सामने आई।
एन्क्रिप्टेड चैनलों पर चल रहा था पूरा ऑपरेशन
जांच में यह खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क:
एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भर्ती और समन्वय करता था
शिक्षा और सामाजिक संगठनों की आड़ में फंडिंग जुटा रहा था
“समाजसेवा” और “धर्मार्थ गतिविधि” के नाम पर पैसे इकट्ठे किए जा रहे थे
इन्हीं पैसों से हथियार, IED और विस्फोटक सामग्री खरीदी जाती थी
पुलिस के अनुसार आरोपी:
✅ नए लोगों की पहचान और उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलने
✅ हथियार एवं IED निर्माण के लिए सामग्री जुटाने
✅ लॉजिस्टिक्स और फंड ट्रांसफर
✅ विदेशी आतंकी नेटवर्क से सीधे संपर्क
में सक्रिय रूप से शामिल थे।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मॉड्यूल के कई महत्वपूर्ण सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें शामिल हैं:
आरिफ निसार दर साहिल – नौगाम, श्रीनगर
यासिर-उल-आशरफ – नौगाम, श्रीनगर
मकसूद अहमद दर शाहिद – नौगाम, श्रीनगर
मौलवी इरफान अहमद – शोपियां
जमीर अहमद आहंगर मुत्लाशा – वाकुरा, गांदरबल
डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई – मुसायब, कोइल पंपोर
डॉ. आदिल – वानपोरा, कुलगाम
इस मॉड्यूल में डॉक्टर, धार्मिक प्रवचनकर्ता, पेशेवर युवक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल पाए गए, जो आतंकवादी गतिविधियों के नए स्वरूप की ओर संकेत करता है।
कई राज्यों में संयुक्त तलाशी अभियान
जांच और गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस व अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाए। छापेमारी इन स्थानों पर हुई:
श्रीनगर
अनंतनाग
गांदरबल
शोपियां
फरीदाबाद (हरियाणा)
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)
इन अभियानों में:
✅ भारी मात्रा में हथियार
✅ गोला-बारूद
✅ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट
✅ डिजिटल डेटा
✅ IED बनाने का साहित्य
बरामद किया गया है।
विदेशी संपर्कों के गहरे लिंक
एजेंसियों ने पाया कि यह नेटवर्क:
पाकिस्तान और खाड़ी देशों में बैठे हैंडलरों
जैश-ए-मोहम्मद के विदेश-आधारित मॉड्यूल
AGH की डिजिटल सेल
से संपर्क में था।
इस मॉड्यूल का उद्देश्य था:
जम्मू-कश्मीर में नई भर्ती करना
सेल-आधारित टेरर संरचना बनाना
शहरी क्षेत्रों में IED-आधारित हमलों की तैयारी
और भारत में छिपे आतंकी स्लीपर सेल्स को सक्रिय करना
पुलिस की कार्रवाई बड़ी सफलता के रूप में देखी जा रही
जम्मू-कश्मीर पुलिस का यह अभियान सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, क्योंकि:
नेटवर्क प्रोफेशनल, हाई-स्किल्ड और टेक-सैवी था
फंडिंग और भर्ती का मॉडल अत्यधिक सुरक्षित और डिजिटल आधारित था
ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय लिंक के साथ गहराई से जुड़ा था
अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी कश्मीर और बाहरी राज्यों में सक्रिय आतंकी स्लीपर सेल्स को तगड़ा झटका देगी।
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