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ईरान को लेकर यूएई का कड़ा रुख, युद्ध में शामिल होने की अटकलें तेज

Published on: March 24, 2026
UAE's strict stance regarding Iran
द  देवरिया न्यूज़,दुबई : संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान के खिलाफ अपने रुख को और सख्त करने के संकेत दिए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। यूएई के वरिष्ठ अधिकारियों के हालिया बयानों के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो यूएई, अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल हो सकता है।

दरअसल, ईरान द्वारा अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद यूएई, सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे देशों में नाराजगी बढ़ी है। इससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष के और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

यूएई नेताओं के कड़े बयान

यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल युद्धविराम पर्याप्त नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने अपने बयान में ईरान की गतिविधियों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।

वहीं, यूएई के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री अब्दुल्ला बिन जायेद ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बिना नाम लिए ईरान को ‘आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश’ बताया। उन्होंने कहा कि यूएई किसी भी तरह के दबाव या ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा।

ईरान की गतिविधियों पर चिंता

अनवर गर्गश ने कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन गतिविधियां खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही, अमेरिका के साथ सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की भी बात कही।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाड़ी देशों की रणनीति अब केवल तात्कालिक युद्धविराम तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित होनी चाहिए।

युद्ध में शामिल होने की अटकलें तेज

यूएई के शीर्ष नेताओं के इन बयानों के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि खाड़ी के कई देश अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाने के पक्ष में हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये देश चाहते हैं कि ईरान की सैन्य क्षमता को इस स्तर तक कमजोर किया जाए कि वह क्षेत्र के लिए खतरा न बन सके।

हालिया घटनाक्रम

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद से तनाव लगातार बढ़ रहा है। जवाब में ईरान ने न केवल इजरायल, बल्कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और हितों को भी निशाना बनाया है। इन घटनाओं के चलते यूएई समेत कई खाड़ी देशों में ईरान के प्रति कड़ा रुख देखने को मिल रहा है।


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