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दिल्ली में हवा बनी जहर, लगातार 18वें दिन सांस लेना मुश्किल — प्रदूषण से जूझ रहे लोगों की मदद को आगे आई दिल्ली पुलिस

Published on: November 1, 2025
Air becomes poisonous continuously in Delhi

द देवरिया न्यूज़ : राजधानी दिल्ली में लगातार 18वें दिन हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। शुक्रवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 218 दर्ज किया गया, जो “खराब” श्रेणी में आता है। यह बृहस्पतिवार की तुलना में 155 अंक की गिरावट जरूर है, लेकिन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार शनिवार को हवा फिर “बेहद खराब” स्तर पर पहुंच सकती है।

सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को उत्तर-पूर्व दिशा से 5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली, जबकि PM10 का स्तर 157 और PM2.5 का स्तर 94.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। राजधानी के वजीरपुर क्षेत्र में AQI 312 पहुंच गया, जो “बेहद खराब” श्रेणी में है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर के प्रदूषण से सांस के मरीजों को परेशानी, आंखों में जलन, और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।


दिल्ली पुलिस ने बढ़ाया सतर्कता स्तर

प्रदूषण और ठंड के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपने यातायात कर्मियों की सुरक्षा के लिए विशेष योजना शुरू की है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत करीब 6,000 ट्रैफिक कर्मियों को उच्च गुणवत्ता वाले एयर-फिल्टर मास्क, सर्दियों के कपड़े और नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जा रही है।

“हर साल की तरह जब दिल्ली में स्मॉग छाता है, तो ट्रैफिक पुलिस सबसे अधिक प्रभावित होती है। इस बार हमने उनके लिए सुरक्षा उपाय और मजबूत किए हैं,” — दिल्ली यातायात पुलिस अधिकारी।

इस वर्ष पुलिस कर्मियों को 50,000 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले मास्क वितरित किए जा रहे हैं। पिछले साल जहां N-95 मास्क दिए गए थे, इस बार और टिकाऊ तथा प्रभावी मास्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


नियमित स्वास्थ्य जांच और शिविर

दिल्ली यातायात पुलिस ने अपने टोडापुर मुख्यालय में नियमित स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था की है, ताकि कर्मियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति की निगरानी की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर तुरंत इलाज और परामर्श सुनिश्चित किया जाएगा।

ट्रैफिक कर्मी रोजाना 8 से 10 घंटे तक खुले में ड्यूटी करते हैं, जिससे वे प्रदूषण और ठंड दोनों के प्रभाव में आते हैं। इस पहल का उद्देश्य उनके स्वास्थ्य की रक्षा करते हुए जनसेवा में कोई बाधा न आने देना है।


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