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ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई रहस्य में, दो हफ्ते बाद भी सार्वजनिक नहीं हुए सामने

Published on: March 23, 2026
Iran's new Supreme Leader Mojtaba
द  देवरिया न्यूज़,तेहरान : ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को पद संभाले करीब दो सप्ताह हो चुके हैं, लेकिन अब तक वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को मोजतबा को इस पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोजतबा खामेनेई की ओर से अब तक केवल दो आधिकारिक संदेश सामने आए हैं—पहला 12 मार्च को और दूसरा 20 मार्च को ईरानी नववर्ष नवरोज के अवसर पर। लेकिन दोनों ही बार वे खुद सामने नहीं आए, बल्कि उनके संदेश सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाए गए। इससे उनकी स्थिति को लेकर रहस्य और गहरा गया है।
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोजतबा खामेनेई जीवित हैं, लेकिन देश की वास्तविक सत्ता उनके हाथ में नहीं है। यरुशलम पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान में असली नियंत्रण इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पास हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मोजतबा अभी राजनीतिक व्यवस्था पर पूरी तरह पकड़ नहीं बना पाए हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि 28 फरवरी के हमले में मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे। उनके पैर में चोट लगने की आशंका जताई गई है, हालांकि बताया जा रहा है कि वे सीमित रूप से काम करने में सक्षम हैं।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह संभावना कम है कि ईरान ने किसी मृत व्यक्ति को सुप्रीम लीडर नियुक्त किया हो। फिर भी, मोजतबा की गैर-मौजूदगी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा ब्रीफिंग में चर्चा का विषय बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम फिलहाल यह आकलन कर रही है कि तेहरान में वास्तविक सत्ता किसके हाथ में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा सुरक्षा हालात में मोजतबा का सार्वजनिक रूप से सामने न आना रणनीतिक भी हो सकता है। तेल अवीव स्थित नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों के मुताबिक, इजरायल लगातार ईरान के शीर्ष अधिकारियों को निशाना बना रहा है, जिससे नए सुप्रीम लीडर की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि 17 मार्च को इजरायल ने ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी को भी निशाना बनाया था। ऐसे हालात में मोजतबा खामेनेई की गैर-मौजूदगी ने ईरान की सत्ता संरचना को लेकर वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

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