Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों और एमएसएमई को नुकसान नहीं, मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल

Published on: February 5, 2026
Farmers benefit from India-US trade deal
द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। सरकार ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इस समझौते में दोनों देशों के हितों का संतुलन रखा गया है और इससे भारतीय किसानों या डेयरी सेक्टर को कोई नुकसान नहीं होगा। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि यह डील देश के लघु एवं मझोले उद्योगों (MSME) और किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएगी।
पीयूष गोयल ने कहा कि करीब एक साल तक चली विस्तृत बातचीत के बाद अमेरिका के साथ यह समझौता हुआ है। इस दौरान भारतीय पक्ष ने विशेष रूप से कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है, जो अमेरिका द्वारा कई अन्य प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए शुल्क से कम है।
वाणिज्य मंत्री ने कहा, “इस डील का उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ को बढ़ावा देना है। इससे न केवल भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में मजबूती मिलेगी, बल्कि किसानों और एमएसएमई सेक्टर के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे।” उन्होंने दोहराया कि सरकार ने डेयरी इंडस्ट्री के हितों की भी पूरी तरह से रक्षा की है।
गोयल ने इस समझौते को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की आवश्यकताओं की सुरक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ऊर्जा, विमानन, डेटा सेंटर, परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने की जरूरत है, जिनमें अमेरिका एक अग्रणी देश है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ट्रेड डील की घोषणा करते हुए उम्मीद जताई थी कि भारत अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर की खरीद कर सकता है। इसमें ऊर्जा, कोयला, टेक्नोलॉजी, कृषि और अन्य उत्पाद शामिल होंगे। हालांकि, अभी तक दोनों देशों की ओर से इस समझौते को लेकर कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इस डील में किसानों के हितों से समझौता किया है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह समझौता देश की आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला है।

इसे भी पढ़ें : उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस: कुलदीप सिंह सेंगर की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में रोजाना सुनवाई, 11 फरवरी तय

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply