पुलिस के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले पन्नू ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने दावा किया कि उसके ‘स्लीपर सेल’ ने दिल्ली के रोहिणी और डाबड़ी इलाकों में खालिस्तान के समर्थन में पोस्टर लगाए हैं। हालांकि, पुलिस द्वारा बताए गए स्थानों पर ऐसे किसी पोस्टर की पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (दुश्मनी को बढ़ावा देना), 197 (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ पूर्वाग्रहपूर्ण आरोप), 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्य) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वीडियो में पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए हैं।
इसके अलावा, पन्नू पर आरोप है कि उसने 26 जनवरी को प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोकने और पंजाब में रेलवे ट्रैक पर खालिस्तान के झंडे लगाने जैसे कृत्यों के लिए 1,11,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित किया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। वीडियो में किए गए सभी दावों की जांच की जा रही है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब खुफिया एजेंसियों से आतंकी खतरों की कई सूचनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों का बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है।
गौरतलब है कि पन्नू के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस से पहले भी उसने प्रधानमंत्री को धमकी दी थी, जिसके बाद उस पर मामला दर्ज किया गया था। पन्नू खालिस्तान आंदोलन का समर्थक है और भारत सरकार द्वारा उसे आतंकवादी घोषित किया जा चुका है।