द देवरिया न्यूज़,वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान को उसके विवादित परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील पर सहमत नहीं होता है, तो उसे बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि एक विशाल अमेरिकी “आर्मडा” ईरान की ओर बढ़ रहा है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “एक बहुत बड़ा आर्मडा ईरान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह पूरी ताकत, गति और स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है। यह उस बेड़े से भी बड़ा है, जिसे पहले वेनेजुएला भेजा गया था और इसका नेतृत्व एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन कर रहा है।”
‘समय तेजी से खत्म हो रहा है’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा कि यह सैन्य बेड़ा जरूरत पड़ने पर “तेजी और ताकत के साथ अपने मिशन को अंजाम देने में सक्षम” है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान अपने न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रम को लेकर “निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते” के लिए बातचीत की मेज पर आएगा।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “समय खत्म हो रहा है, और यह बेहद जरूरी है।”
‘डील करो, वरना अगला हमला और ज्यादा खतरनाक होगा’
ट्रंप ने ईरान को दोबारा चेतावनी देते हुए लिखा, “मैंने पहले भी कहा था—डील करो। उन्होंने नहीं किया और फिर ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ हुआ, जिसमें ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयानक होगा। ऐसा दोबारा न होने दें।”
गौरतलब है कि जून 2025 में अमेरिका ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हवाई हमले किए थे, जिन्हें “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” नाम दिया गया था। अमेरिका का दावा था कि इन ठिकानों का इस्तेमाल परमाणु हथियारों के लिए यूरेनियम संवर्धन में किया जा रहा था।
पहले भी दे चुके हैं ऐसी चेतावनी
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी हो। पिछले सप्ताह भी उन्होंने “आर्मडा” की बात कही थी, हालांकि तब उन्होंने उम्मीद जताई थी कि उसे इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। यह बयान ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कथित सख्ती के बाद आया था।
ईरान का जवाब
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि हाल के दिनों में उनका अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से कोई संपर्क नहीं हुआ है और न ही अमेरिका की ओर से बातचीत का कोई औपचारिक अनुरोध आया है।
ईरान पर ट्रंप प्रशासन का दबाव
अमेरिका लगातार ईरान के अवैध तेल व्यापार पर प्रतिबंध लगा रहा है और सैन्य दबाव के जरिए तेहरान को न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2018 में ओबामा-काल की न्यूक्लियर डील से अमेरिका को बाहर निकालते हुए इसे “खराब और बेकार समझौता” बताया था।
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