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देवरिया मजार विवाद में छह साल बाद सुनवाई पूरी, एसडीएम सदर ने फैसला रखा सुरक्षित

Published on: January 10, 2026
Six years in Deoria Mazar dispute
द देवरिया न्यूज़,देवरिया : देवरिया के गोरखपुर रोड स्थित एक मजार के कथित अवैध निर्माण से जुड़े मामले में आखिरकार सुनवाई पूरी हो गई है। लगभग छह वर्षों से लंबित इस प्रकरण में नियत प्राधिकारी एवं उपजिलाधिकारी (सदर) श्रुति शर्मा की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस बहुचर्चित मामले में जल्द निर्णय आने की उम्मीद है।

सुनवाई शुक्रवार को सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुई और लगभग एक घंटे तक चली। न्यायालय परिसर में इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। मजार पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेशनाथ त्रिपाठी ने अपना पक्ष मजबूती से रखा, जबकि प्रशासन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) नवनीत मालवीय ने विनियमित क्षेत्र का पक्ष प्रस्तुत किया।

शिकायतकर्ता भाजपा नेताओं की ओर से जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर मिश्र प्रीतम, मंत्री जयप्रकाश मिश्र और मुकुंद माधव ने भी बहस में हिस्सा लिया। शासकीय अधिवक्ता समेत अन्य वकीलों ने मजार पक्ष की दलीलों का विरोध किया, जिससे अदालत में बहस काफी तीखी रही।

यह मामला जलप्लावित और हरित क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने मजार से जुड़ा है। वर्ष 2019 में भाजपा नेता नवीन सिंह, मारकंडेय तिवारी, अमरध्वज राय, धनुषधारी मणि, गोविंद चौरसिया, राजन यादव, अंबिकेश पांडेय और अभिजीत उपाध्याय समेत कई लोगों ने इसे अवैध बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह मजार विनियमित क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर बनाई गई है, जिससे यातायात व्यवस्था, पर्यावरण और शहरी नियोजन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर लंबित इस मामले में अब सभी की नजरें एसडीएम सदर के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।


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