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शेख हसीना के दिल्ली में भाषण पर ढाका नाराज़, बोला—भारत ने भगोड़ी नेता को मंच देकर किया हमारा अपमान

Published on: January 26, 2026
Sheikh Hasina's speech in Delhi

द देवरिया न्यूज़,ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में सार्वजनिक रूप से भाषण देने पर कड़ी आपत्ति जताई है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे चौंकाने वाला कदम बताते हुए कहा है कि अदालत से सजा पा चुकी और भगोड़ी घोषित नेता को भारत द्वारा मंच देना न केवल हैरतअंगेज है, बल्कि यह द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि सरकार और देश की जनता इस बात से स्तब्ध हैं कि 23 जनवरी को शेख हसीना को नई दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलने की अनुमति दी गई। मंत्रालय के अनुसार, ढाका की अदालत ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है।

‘खतरनाक मिसाल और अपमान’: ढाका

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “शेख हसीना को भारत की राजधानी में सार्वजनिक भाषण देने की इजाजत देना एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। यह कदम भारत-बांग्लादेश संबंधों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।” बयान में यह भी कहा गया कि इस तरह का कार्यक्रम बांग्लादेश के लोगों और सरकार का खुला अपमान है।

ढाका ने यह आरोप भी लगाया कि भारत ने दोनों देशों के बीच मौजूद प्रत्यर्पण समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। मंत्रालय के मुताबिक, भारत शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंपने के बजाय उन्हें भड़काऊ बयान देने का अवसर दे रहा है, जो बांग्लादेश के लोकतांत्रिक परिवर्तन, शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।

अगस्त 2024 के बाद पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया

अवामी लीग की नेता शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्रों के विद्रोह के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। तभी से वह भारत में सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं। शुक्रवार को उन्होंने नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (FCC) को ऑडियो संदेश के जरिए संबोधित किया, जो ढाका छोड़ने के बाद उनका पहला सार्वजनिक संबोधन था।

अपने भाषण में शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “फासीवादी” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश आतंक, अराजकता और जंगलराज की ओर बढ़ रहा है। हसीना ने कहा कि यह दौर बांग्लादेश के इतिहास का सबसे काला समय है और एक समय शांतिपूर्ण व समृद्ध रहा देश आज हिंसा की पहचान बन गया है।

चुनावों की वैधता पर उठाए सवाल

शेख हसीना ने 12 फरवरी को प्रस्तावित आम चुनावों को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी। 78 वर्षीय नेता ने कहा कि अगर उनकी पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोका गया तो ऐसे चुनावों की वैधता पर सवाल उठेंगे। उनके मुताबिक, देश की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी के बिना होने वाले चुनावों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। शेख हसीना के इस बयान और भारत में उनके सार्वजनिक मंच पर आने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई तल्खी के संकेत दिखाई देने लगे हैं।


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