करीब 17 साल बाद देश लौटे तारिक रहमान ने गुरुवार को बांग्लादेश पहुंचते ही चुनाव लड़ने का ऐलान किया और शनिवार को वोटर रजिस्ट्रेशन तथा राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID) की औपचारिकताएं पूरी कर लीं। अवामी लीग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानून का खुला उल्लंघन है, क्योंकि चुनाव की घोषणा के बाद नए मतदाता पंजीकरण की अनुमति नहीं होती।
अवामी लीग ने आरोप लगाया कि तारिक रहमान को ‘विशेष छूट’ देकर नियमों को दरकिनार किया गया है। पार्टी का कहना है कि जहां 2026 के चुनावों से अवामी लीग को बाहर करने की बातें हो रही हैं, वहीं BNP नेता को कानून से परे जाकर चुनावी प्रक्रिया में शामिल कराया जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि चुनाव पहले से ही पक्षपातपूर्ण हैं।
शनिवार सुबह तारिक रहमान अपने समर्थकों के साथ ढाका स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचे और वहां मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया। नियमों के अनुसार, उन्हें 24 घंटे के भीतर एनआईडी मिल जाएगा, जिससे उनकी उम्मीदवारी औपचारिक रूप से वैध हो जाएगी। अवामी लीग ने सवाल उठाया कि जब चुनाव की घोषणा पहले ही हो चुकी थी, तो फिर तारिक रहमान का पंजीकरण किस आधार पर किया गया।
इसके अलावा, पार्टी ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि यह पूरी प्रक्रिया एक सरकारी अवकाश के दिन पूरी कराई गई, जबकि आमतौर पर शनिवार को सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं। अवामी लीग ने पूछा है कि किसके निर्देश पर निर्वाचन आयोग का कार्यालय खोला गया और क्या तारिक रहमान के लिए अलग नियम बनाए गए हैं।
BNP की ओर से बताया गया है कि तारिक रहमान 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में दो सीटों से मैदान में उतरेंगे। वे अपने पारंपरिक गढ़ बोगरा सदर (बोगरा-6) के साथ-साथ ढाका-17 सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। BNP स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने इसकी पुष्टि की है।