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सोमनाथ स्वाभीमान पर्व से पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला, बोले– तुष्टिकरण की ताकतों ने कट्टरपंथ के आगे टेके घुटने

Published on: January 12, 2026
PM from Somnath Swabhiman festival
द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ में आयोजित स्वाभीमान पर्व के दौरान इशारों-इशारों में कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों ने हमेशा कट्टरपंथी ताकतों के सामने घुटने टेके हैं। जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निमाण का संकल्प लिया था, तब भी उन्हें रोकने की कोशिश की गई थी।
सोमनाथ में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से आज भी देश में वही ताकतें सक्रिय हैं, जिन्होंने कभी सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि आज तलवारों की जगह दूसरे कुत्सित तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। ऐसे में देश को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। हमें शक्तिशाली बनना होगा, एकजुट रहना होगा और हर उस ताकत को परास्त करना होगा जो देश को बांटने की कोशिश कर रही है।
पीएम मोदी ने जामनगर के महाराज दिग्विजय सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि जब देश अपनी आस्था, जड़ों और विरासत से जुड़ा रहता है, तब उसकी सभ्यता और संस्कृति की नींव और मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि 1951 में जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन में शामिल हुए थे, तब भी इस पर आपत्ति जताई गई थी। उस समय सौराष्ट्र के जामनगर के महाराज दिग्विजय सिंह आगे आए और इस ऐतिहासिक फैसले का समर्थन किया।
प्रधानमंत्री ने उस दौर की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि 11 मई 1951 को सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन हुआ था। उस समय प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के कार्यक्रम में शामिल होने पर आपत्ति जताते हुए उन्हें पत्र भी लिखा था। पीएम मोदी ने कहा कि उस समय कुछ लोगों ने इस विरोध का खुलकर समर्थन किया, जिसे बाद में राजनीति में भी भुनाया गया।
प्रधानमंत्री के इस बयान को कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने इतिहास के उदाहरणों के जरिए मौजूदा हालात पर भी संदेश देने की कोशिश की।

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