कांग्रेस का आरोप: बजट भाषण में पारदर्शिता की कमी
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने दावा किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण पारदर्शी नहीं रहा। कांग्रेस का कहना है कि भाषण में कई प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि बजट दस्तावेजों का पूरा अध्ययन अभी बाकी है, लेकिन 90 मिनट के भाषण के बाद ही यह साफ हो गया कि बजट से जो उम्मीदें की जा रही थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता। उन्होंने बजट को “फीका और निराशाजनक” करार दिया।
आम लोगों के लिए नहीं, कॉरपोरेट के लिए बजट: वेणुगोपाल
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह बजट आम जनता के लिए नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट घरानों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह बजट केरल के लिए भी बेहद निराशाजनक है। वेणुगोपाल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से केरल में एम्स खोलने का वादा किया जा रहा है, लेकिन इस बजट में भी इसका कोई जिक्र नहीं है।
अखिलेश यादव का तंज: सिर्फ सपने दिखाने वाला बजट
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट पर तंज कसते हुए कहा कि अगर यही स्थिति रही तो लोगों को लोहे पर पीतल चढ़ाकर गहने पहनने पड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है।
अखिलेश यादव ने कहा, “अगर हमें सच में विकसित भारत का सपना साकार करना है, तो शिक्षा के लिए कहीं ज्यादा बजट देना होगा। यह बजट समझ से बाहर है और सिर्फ सपने दिखाने वाला है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जब बीजेपी से ही कोई उम्मीद नहीं है, तो फिर बजट से क्या उम्मीद की जाए। उनके मुताबिक यह बजट सिर्फ पांच प्रतिशत लोगों के लिए है और आम जनता को निराश करता है।
TMC का आरोप: बंगाल की पूरी तरह अनदेखी
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने 85 मिनट का बजट भाषण दिया, लेकिन एक बार भी पश्चिम बंगाल का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, युवाओं और रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस चर्चा नहीं की गई।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह बजट आधारहीन है और इसमें किसी तरह का स्पष्ट विजन नजर नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उसके मंत्री पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश के नजरिये से देखते हैं।
वित्त मंत्री ने क्या किया ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। उन्होंने पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की, जो चालू वित्त वर्ष में 11.2 लाख करोड़ रुपये था। इसके साथ ही उन्होंने देश में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए कई उपायों का ऐलान किया।
हालांकि, विपक्ष का कहना है कि बड़े आंकड़ों और घोषणाओं के बावजूद यह बजट आम लोगों की जरूरतों और उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता।