द देवरिया न्यूज़,देवरिया : देवरिया जिला जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत शनिवार को एक बार फिर अचानक बिगड़ गई। पेट में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
अमिताभ ठाकुर की तबीयत बिगड़ने से करीब दो घंटे पहले ही उनकी रिहाई का कानूनी रास्ता साफ हो गया था। लखनऊ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी बी-वारंट को ‘अदम तामीला’ (अनएक्जीक्यूटेड) घोषित करते हुए वापस करने का आदेश दे दिया। इसके साथ ही उनकी रिहाई में आ रही आखिरी कानूनी बाधा भी समाप्त हो गई।
दरअसल, धोखाधड़ी के एक मामले में अमिताभ ठाकुर को जिला न्यायालय से 12 दिन पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन लखनऊ में दर्ज एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में जारी बी-वारंट के चलते वह जेल से बाहर नहीं आ सके थे। शनिवार को यह बी-वारंट भी निरस्त कर दिया गया।
एक सप्ताह से पेट दर्द की समस्या
जानकारी के अनुसार, अमिताभ ठाकुर पिछले करीब एक सप्ताह से पेट दर्द की शिकायत कर रहे थे। जेल अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. राहुल त्रिपाठी ने उन्हें दवाएं दी थीं, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली थी। शनिवार सुबह अचानक फिर से तेज पेट दर्द शुरू हो गया, साथ ही उन्हें घबराहट भी होने लगी।
हालत को गंभीर देखते हुए जेल चिकित्सक ने तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जेल प्रशासन की एंबुलेंस से उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां सर्जरी विभाग के डॉ. राकेश कुमार ने उनका परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में पेट दर्द का कारण अपेंडिक्स से जुड़ा हुआ बताया गया है।
डॉक्टरों ने अमिताभ ठाकुर को अस्पताल में भर्ती कर लिया है। उन्हें मेडिकल कॉलेज की नई ओपीडी के सर्जरी वार्ड में बेड नंबर-50 पर रखा गया है। चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस सुरक्षा के बीच उनका अल्ट्रासाउंड भी कराया गया, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे के इलाज को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में कड़े इंतजाम किए गए हैं। सर्जरी वार्ड में एक दरोगा समेत छह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वार्ड में आम लोगों के प्रवेश पर पहले से ही रोक है और केवल चिकित्सकीय स्टाफ व प्रशासन की अनुमति से ही किसी को अंदर जाने दिया जा रहा है। पुलिसकर्मी वार्ड के बाहर लगातार निगरानी कर रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह एहतियातन की गई है, ताकि इलाज में कोई बाधा न आए और अस्पताल परिसर में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पहले भी बिगड़ चुकी है तबीयत
गौरतलब है कि करीब 23 दिन पहले भी अमिताभ ठाकुर को जिला जेल में सीने में दर्द और भारीपन की शिकायत हुई थी। इसके बाद उन्हें पहले देवरिया मेडिकल कॉलेज, फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और अंत में SGPGI लखनऊ रेफर किया गया था। SGPGI में कॉर्डियोलॉजी विभाग के MICU में प्रो. डॉ. आदित्य कपूर और प्रो. डॉ. नवीन गर्ग की देखरेख में उनका इलाज हुआ था। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्हें 8 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया था।
फिलहाल एक बार फिर उनकी सेहत को लेकर चिंता बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
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