द देवरिया न्यूज़,नोएडा : कफ सिरप सिंडिकेट के सरगना शुभम जायसवाल द्वारा दिवाली के मौके पर प्रभावशाली लोगों को दिए गए करीब 150 आईफोन अब जांच एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि इन महंगे गिफ्ट पाने वालों में नोएडा के विभिन्न प्राधिकरणों से जुड़े कई अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। ईडी ने ऐसे सभी संदिग्ध अधिकारियों और लोगों की पृष्ठभूमि खंगालनी शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ अधिकारियों ने ये आईफोन खुद इस्तेमाल करने के बजाय अपने परिजनों को दे दिए थे, ताकि सीधे तौर पर शक की जद में न आएं। हालांकि ईडी इन सभी कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सिंडिकेट को संरक्षण देने वाले और भी अफसरों के नाम सामने आ सकते हैं।
ईडी की रडार पर रियल एस्टेट से जुड़े लोग
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शुभम जायसवाल के कफ सिरप सिंडिकेट के पैसे को एनसीआर के रियल एस्टेट में लगाने में मदद करने वाले करीब आधा दर्जन लोग भी ईडी के निशाने पर हैं। इन लोगों की संपत्तियों और लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि सरगना के अलावा तीन अन्य लोगों ने भी नोएडा में बड़े पैमाने पर संपत्तियों में निवेश किया है।
ईडी सूत्रों के अनुसार, रियल एस्टेट निवेश से जुड़े जिन छह लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनमें आकाश पाठक, दिवेश जायसवाल और अमित जायसवाल के नाम प्रमुख हैं। बताया जा रहा है कि ये तीनों शुभम जायसवाल के साथ ही रहते थे और उसे अलग-अलग कामों में सहयोग करते थे। आकाश पाठक को बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जबकि दिवेश और अमित नोएडा में बैठकर फर्जी कंपनियां खुलवाने का काम करते थे।
जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि नोएडा समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस सिंडिकेट के जरिए दर्जनों फर्जी फर्में बनाई गईं, जिनके जरिए अवैध कमाई को ठिकाने लगाया गया। फिलहाल शुभम जायसवाल समेत चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है और ईडी के साथ अन्य एजेंसियां भी लगातार दबिश और जांच में जुटी हुई हैं।
इसे भी पढ़ें : प्रतापगढ़ में पुलिस हिरासत से दुष्कर्म प्रयास का आरोपी फरार, चार पुलिसकर्मियों सहित पांच पर FIR
➤ You May Also Like


































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































